दिल्ली की जेलों में सुरक्षा सख्त: गैंग नेटवर्क तोड़ने के लिए अपराधियों को भेजा जाएगा बाहर

तिहाड़ समेत दिल्ली की जेलों में सुरक्षा बढ़ाई गई है। गैंग नेटवर्क तोड़ने के लिए अपराधियों को दूसरे राज्यों में भेजने की योजना है।

Kittu Kumari29 October 20262 min read0 viewsDelhi Local
दिल्ली की जेलों में सुरक्षा सख्त: गैंग नेटवर्क तोड़ने के लिए अपराधियों को भेजा जाएगा बाहर

दिल्ली की जेलों, खासकर तिहाड़ जेल में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक पुख्ता किया जा रहा है। 20,000 से अधिक कैदियों की मौजूदगी और अतीत में हुई जेल ब्रेक की घटनाओं को देखते हुए प्रशासन अब मल्टी-लेयर सुरक्षा प्रोटोकॉल और व्यापक सीसीटीवी निगरानी पर जोर दे रहा है। यह कदम तब उठाया गया है जब देशभर में जेल प्रबंधन को लेकर चिंताएं बढ़ी हैं।

हाल ही में तमिलनाडु के थेनी जिला जेल में हुई एक बड़ी घटना ने सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट कर दिया है। 26 अक्टूबर 2026 को वहां 17 कैदियों ने गार्डों पर काबू पाकर मुख्य गेट से भागने में सफलता हासिल की थी। हालांकि 13 कैदियों को दोबारा पकड़ लिया गया, लेकिन इस लापरवाही के कारण 9 जेल अधिकारियों को निलंबित करना पड़ा। पुलिस महानिदेशक (जेल) संदीप राय राठौर ने इसे मानवीय चूक करार दिया, जिसके बाद अब सभी जेलों के सुरक्षा ऑडिट के निर्देश दिए गए हैं।

गैंगस्टर नेटवर्क खत्म करने के लिए नई रणनीति

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जेलों के भीतर से संचालित होने वाले संगठित अपराध और जबरन वसूली के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए दिल्ली सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घोषणा की है कि 'ट्रांसफर ऑफ प्रिजनर्स (पंजाब अमेंडमेंट) एक्ट, 2025' को लागू किया जाएगा। इसके तहत कुख्यात अपराधियों को दिल्ली से हटाकर दूसरे राज्यों की जेलों में स्थानांतरित किया जाएगा।

प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार, मई 2026 तक 26 अलग-अलग गैंग के 188 सदस्यों की पहचान की गई थी, जिनमें से 107 को गिरफ्तार किया जा चुका है। सरकार का मानना है कि अपराधियों के ठिकाने बदलने से उनके नेटवर्क में सेंध लगेगी।

इसके अलावा, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी जेलों की निगरानी बढ़ी है। जुलाई 2025 में ब्रिटेन की क्राउन प्रॉसिक्यूशन सर्विस (CPS) ने तिहाड़ जेल का दौरा किया था। भारत सरकार ने प्रत्यर्पण मामलों में आने वाले हाई-प्रोफाइल कैदियों की सुरक्षा और अधिकारों के लिए एक सुरक्षित 'एनक्लेव' बनाने का प्रस्ताव दिया है। वहीं, हाल ही में कोर्ट के आदेश के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेता सौरव दास और आशुतोष रंका को तिहाड़ जेल से रिहा किया गया है।

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