दिल्ली के सरकारी अस्पतालों में लगेंगे 14 MRI और 20 CT स्कैन, PPP मॉडल से घटेगा मरीजों का खर्च
दिल्ली सरकार PPP मॉडल के तहत सरकारी अस्पतालों में 14 MRI और 20 CT स्कैन मशीनें लगाएगी, जिससे मरीजों का खर्च कम होगा।

दिल्ली के सरकारी अस्पतालों में इलाज कराने वाले मरीजों के लिए बड़ी राहत की खबर है। दिल्ली सरकार अब स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने के लिए पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत बड़े पैमाने पर डायग्नोस्टिक मशीनें लगाने जा रही है। इस योजना के तहत शहर के विभिन्न सरकारी अस्पतालों में 14 MRI मशीनें और 20 CT स्कैनर लगाए जाएंगे, ताकि मरीजों को महंगे निजी केंद्रों के चक्कर न काटने पड़ें और जांच की लागत में भी कमी आए।
टाइम्स नेटवर्क इंडिया हेल्थ समिट 2026 में बोलते हुए दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज सिंह ने इस पूरी योजना का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि अगले दो से तीन महीनों के भीतर इन सुविधाओं को लागू कर दिया जाएगा। सिर्फ MRI और CT स्कैन ही नहीं, बल्कि इस पहल के जरिए 30 अल्ट्रासाउंड मशीनें और PET स्कैन की सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। इस पूरे प्रोजेक्ट का मकसद स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाना और आम आदमी की जेब पर पड़ने वाले बोझ को कम करना है।
स्वास्थ्य ढांचे में बड़ा विस्तार और नए अस्पताल
दिल्ली सरकार केवल मशीनों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि बुनियादी ढांचे को भी मजबूत कर रही है। स्वास्थ्य मंत्री के अनुसार, जनवरी 2027 तक राजधानी में चार नए अस्पताल खोले जाएंगे। इसके साथ ही लगभग 400 आयुष्मान आरोग्य मंदिर स्थापित किए जा रहे हैं, जहां करीब 100 तरह के पैथोलॉजी टेस्ट की सुविधा मिलेगी।
हाल ही में लोक नायक अस्पताल में इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड के सहयोग से 256-स्लाइस CT स्कैनर और तीन MRI मशीनें शुरू की गई हैं। वहीं, एमसीडी ने भी हिंदू राव अस्पताल, स्वामी दयानंद अस्पताल और राजन बाबू इंस्टीट्यूट ऑफ पल्मोनरी मेडिसिन एंड ट्यूबरकुलोसिस में PPP मॉडल के तहत जांच सुविधाएं शुरू करने की मंजूरी दी है। खास बात यह है कि यहां सेवाओं की दरें CGHS (सेंट्रल गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम) की दरों से 20 प्रतिशत कम रखी जाएंगी, जिससे गरीब मरीजों को सीधा फायदा होगा।