दिल्ली में प्रदूषण पर वार: बॉर्डर पर सख्त चेकिंग और वाहनों पर लगेगा प्रतिबंध

दिल्ली पुलिस सर्दियों में प्रदूषण कम करने के लिए बॉर्डर पर सख्त चेकिंग और वाहनों पर प्रतिबंध लगाने की तैयारी में है। जानें क्या हैं नियम।

Kittu Kumari23 October 20262 min read0 viewsDelhi Local
दिल्ली में प्रदूषण पर वार: बॉर्डर पर सख्त चेकिंग और वाहनों पर लगेगा प्रतिबंध

राजधानी दिल्ली में जैसे ही सर्दियों की दस्तक हुई, हवा की गुणवत्ता फिर से बिगड़ने लगी है। प्रदूषण के बढ़ते स्तर को देखते हुए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने कमर कस ली है। शहर के कई इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 'गंभीर' स्तर पर पहुंच गया है, जिसके बाद अब प्रशासन प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों के खिलाफ सख्त एक्शन लेने की तैयारी में है।

कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) द्वारा GRAP के पहले चरण को लागू किए जाने के बाद, अब 1 नवंबर 2026 से 31 जनवरी 2027 तक 'विंटर एक्शन प्लान' के तहत कड़े नियम लागू किए जाएंगे। स्पेशल कमिश्नर ऑफ पुलिस (ट्रैफिक) अजय चौधरी ने पड़ोसी राज्यों और नागरिक एजेंसियों के साथ एक अहम बैठक की, जिसमें तय किया गया कि बॉर्डर पर संयुक्त टीमें तैनात की जाएंगी और आपसी तालमेल के लिए एक समर्पित व्हाट्सएप ग्रुप भी बनाया जाएगा।

बॉर्डर पर केवल EV, CNG और BS-6 बसें ही मिलेंगी एंट्री

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ट्रैफिक पुलिस का मुख्य फोकस उन बाहरी बसों को रोकना है जो प्रदूषण मानकों को पूरा नहीं करती हैं। नए नियमों के मुताबिक, दिल्ली की सीमाओं पर केवल इलेक्ट्रिक (EV), CNG और BS-6 डीजल बसों को ही प्रवेश की अनुमति दी जाएगी। अन्य गैर-अनुपालन वाली इंटर-स्टेट और इंटर-सिटी बसों को बॉर्डर से ही डायवर्ट कर दिया जाएगा ताकि शहर के अंदर भीड़ और प्रदूषण न बढ़े।

डीसीपी (ट्रैफिक) एस.के. सिंह ने साफ किया है कि CAQM के दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन कराया जाएगा। वहीं, दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मंजिंदर सिंह सिरसा ने भी इन कड़े कदमों का समर्थन किया है। प्रशासन ने सभी वाहन चालकों को सलाह दी है कि वे अपने वाहनों का PUC सर्टिफिकेट अपडेट रखें, वरना कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।

दूसरी ओर, इस फैसले से ट्रांसपोर्ट जगत में चिंता है। ऑल इंडिया मोटर एंड गुड्स ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (AIMGTA) के अध्यक्ष राजेंद्र कपूर ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को पत्र लिखकर मांग की है कि पूर्ण प्रतिबंध से पहले 15 दिनों का पायलट प्रोजेक्ट चलाया जाए। एसोसिएशन का कहना है कि अचानक प्रतिबंध लगाने से बॉर्डर पर भारी जाम लग सकता है और जरूरी सामानों की सप्लाई चेन प्रभावित होने से महंगाई बढ़ सकती है।

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