दिल्ली में प्रदूषण और ट्रैफिक जाम से निपटने के लिए सरकार का बड़ा प्लान, 62 हॉटस्पॉट्स पर होगी पैनी नजर

राजधानी दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण और सड़कों पर रेंगते ट्रैफिक की समस्या को खत्म करने के लिए दिल्ली सरकार ने एक व्यापक एक्शन प्लान तैयार किया है। इस रणनीति के तहत शहर के 62 सबसे संवेदनशील इलाकों (हॉटस्पॉट्स) की पहचान की गई है, जहाँ प्रदूषण और जाम की समस्या सबसे ज्यादा रहती है। इन इलाकों में सुधार के लिए एक विशेष निगरानी तंत्र बनाया गया है, जिसमें हर हॉटस्पॉट के 3 किलोमीटर के दायरे की जिम्मेदारी स्थानीय सांसदों, विधायकों या पार्षदों को सौंपी गई है। ये जनप्रतिनिधि सीधे नोडल सचिवों के साथ तालमेल बिठाकर काम करेंगे। राहत की बात यह है कि अब तक 41 लोकेशन पर सुधार के प्रयास सफल रहे हैं।
प्रदूषण की बात करें तो 6 अक्टूबर 2026 की सुबह दिल्ली का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 185 दर्ज किया गया। इसे नियंत्रित करने के लिए 'विंटर एक्शन प्लान 2026-27' लागू किया गया है। इसी के तहत 1 अक्टूबर से 'नो PUCC, नो फ्यूल' पॉलिसी शुरू की गई है। अब शहर के 500 पेट्रोल पंपों पर ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) सिस्टम लगाया गया है, जिससे बिना वैध प्रदूषण सर्टिफिकेट (PUCC) के वाहनों को ईंधन नहीं दिया जाएगा।
सख्त नियम और स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम की तैयारी
सरकार आने वाले समय में और भी कड़े कदम उठाने जा रही है। 1 नवंबर से दिल्ली के बाहर से आने वाले ऐसे डीजल और पेट्रोल वाहन, जो BS-VI मानकों को पूरा नहीं करते, उनके प्रवेश पर रोक होगी। साथ ही, लोगों को पब्लिक ट्रांसपोर्ट के लिए प्रोत्साहित करने के लिए डबल पार्किंग शुल्क बढ़ा दिया गया है। निर्माण कार्यों से होने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए 10 दिसंबर से 20 जनवरी तक तोड़फोड़ और बिल्डिंग निर्माण गतिविधियों पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा।
ट्रैफिक व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए केंद्र सरकार ने 1,789.52 करोड़ रुपये की लागत से 'इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम' (ITMS) को मंजूरी दी है। दिल्ली पुलिस अगले 24 महीनों में 42 ट्रैफिक कॉरिडोर पर इसे लागू करेगी। इस सिस्टम से सभी ट्रैफिक सिग्नल एक सेंट्रल कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से जुड़ जाएंगे, जिससे रियल-टाइम अपडेट मिलेंगे और VVIP मूवमेंट या इमरजेंसी के दौरान ट्रैफिक को आसानी से मैनेज किया जा सकेगा। इसके अलावा, सरकार 15 प्रमुख रोड कॉरिडोर को सिग्नल-फ्री बनाने पर काम कर रही है, जिनमें से 8 पूरे हो चुके हैं।
मेट्रो स्टेशनों पर यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा बढ़ाने के लिए उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू के नेतृत्व में UTTIPEC ने छह प्रमुख स्टेशनों के लिए मल्टी-मॉडल इंटीग्रेशन (MMI) प्लान को मंजूरी दी है। इससे स्टेशनों के 300 मीटर के दायरे में लास्ट-माइल कनेक्टिविटी बेहतर होगी और यात्रियों का सफर सुरक्षित और आसान बनेगा।