दिल्ली में प्रदूषण नियंत्रण उपाय लागू: BS-VI मानक न मानने वाले वाहनों की एंट्री बंद, लगेगा भारी जुर्माना
दिल्ली-NCR में विंटर एक्शन प्लान 2026-27 शुरू। BS-VI मानक न मानने वाले वाहनों की एंट्री बंद और भारी जुर्माने का प्रावधान।

राजधानी दिल्ली और एनसीआर में हवा की गिरती गुणवत्ता को देखते हुए प्रशासन ने कड़े कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। 31 अक्टूबर 2026 से 'विंटर एक्शन प्लान 2026-27' को प्रभावी कर दिया गया है। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने प्रदूषण को कम करने के लिए वाहनों पर पाबंदी और निर्माण कार्यों पर रोक जैसे सख्त प्रोटोकॉल लागू करने के निर्देश दिए हैं। यह फैसला तब आया है जब दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) महज एक दिन में 78 से बढ़कर 222 तक पहुंच गया।
वाहनों और निर्माण कार्यों पर सख्त पाबंदी
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि 1 नवंबर 2026 से 31 जनवरी 2027 तक दिल्ली के बाहर पंजीकृत वे वाहन, जो BS-VI उत्सर्जन मानकों को पूरा नहीं करते, शहर में प्रवेश नहीं कर सकेंगे। हालांकि, इलेक्ट्रिक, CNG और मानकों का पालन करने वाले वाहनों को इससे छूट दी गई है। साथ ही, सभी वाहन चालकों के पास वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUCC) होना अनिवार्य है। यदि कोई चालक बिना PUCC के पाया गया, तो उसे 10,000 रुपये का जुर्माना भरना होगा। इतना ही नहीं, पेट्रोल पंपों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे ऐसे वाहनों में ईंधन न भरें जिनके पास वैध सर्टिफिकेट नहीं है।
GRAP स्टेज III के तहत, दिल्ली और गुरुग्राम व नोएडा सहित NCR के पांच जिलों में BS-III पेट्रोल और BS-IV डीजल हल्के मोटर वाहनों के चलने पर रोक लगाई गई है। इस नियम का उल्लंघन करने वालों पर 20,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।
प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए अन्य महत्वपूर्ण कदम इस प्रकार हैं:
- निर्माण कार्यों पर रोक: 5 नवंबर से 20 नवंबर 2026 तक पूरे NCR में धूल उड़ाने वाले विध्वंस और बाहरी निर्माण कार्यों पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। केवल मेट्रो, रेलवे और अस्पतालों जैसे जरूरी प्रोजेक्ट्स को ही छूट मिलेगी।
- वर्क फ्रॉम होम: इसी अवधि (5 से 20 नवंबर) के दौरान प्रभावित जिलों के सरकारी और निजी कार्यालयों को 50% कर्मचारियों के लिए वर्क-फ्रॉम-होम लागू करने का निर्देश दिया गया है।
- औद्योगिक कार्रवाई: CPCB ने उन औद्योगिक इकाइयों को बंद करने के लिए कारण बताओ नोटिस जारी करने के आदेश दिए हैं, जिन्होंने प्रदूषण नियंत्रण उपकरणों को अपडेट नहीं किया है।
निगरानी को और पुख्ता करने के लिए केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने 'PAVAN इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर' का उद्घाटन किया है। यह सेंटर रियल-टाइम और हाइपरलोकल डेटा प्रदान करेगा, जिससे नियमों का पालन कराने में अधिकारियों को मदद मिलेगी।