दिल्ली में 1 नवंबर से लागू होंगे सख्त प्रदूषण नियम, वर्क फ्रॉम होम और गाड़ियों पर पाबंदी

दिल्ली सरकार ने प्रदूषण रोकने के लिए GRAP नियम लागू किए हैं। अब वर्क फ्रॉम होम और गाड़ियों पर पाबंदी जैसे कड़े कदम उठाए जाएंगे।

Kittu Kumari31 October 20262 min read0 viewsDelhi Local
दिल्ली में 1 नवंबर से लागू होंगे सख्त प्रदूषण नियम, वर्क फ्रॉम होम और गाड़ियों पर पाबंदी

राजधानी दिल्ली में हवा की गिरती गुणवत्ता को देखते हुए सरकार ने कमर कस ली है। 1 नवंबर से दिल्ली में प्रदूषण नियंत्रण के लिए बेहद सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। विंटर पॉल्यूशन मास्टर प्लान के तहत ये नियम 28 फरवरी 2027 तक लागू रहेंगे। पर्यावरण विभाग द्वारा जारी संशोधित ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के दिशा-निर्देशों के आधार पर ये फैसले लिए गए हैं, जिन्हें कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने मंजूरी दे दी है।

सबसे बड़ा असर आम जनता और कर्मचारियों पर पड़ेगा। 1 नवंबर से 31 जनवरी तक निजी दफ्तरों के लिए 50% वर्क-फ्रॉम-होम (WFH) अनिवार्य कर दिया गया है। सरकारी दफ्तरों में भी केवल 50% स्टाफ ही काम करेगा और उनके समय में बदलाव किया गया है। एमसीडी के दफ्तर सुबह 8:30 से शाम 5:00 बजे तक और दिल्ली सरकार के दफ्तर सुबह 10:00 से शाम 6:30 बजे तक चलेंगे। हालांकि, स्वास्थ्य, फायर सर्विस और पब्लिक ट्रांसपोर्ट जैसी जरूरी सेवाओं को इस पाबंदी से बाहर रखा गया है।

वाहनों और निर्माण कार्यों पर कड़ा पहरा

DelhiBreakings की हर खबर सबसे पहलेJoin Channel

सड़कों पर प्रदूषण कम करने के लिए वाहनों के प्रवेश पर सख्ती बरती जाएगी। अब दिल्ली के बाहर रजिस्टर्ड गैर-BS-VI कमर्शियल गुड्स व्हीकल्स का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित होगा। साथ ही, जो डीजल बसें BS-VI मानक पूरे नहीं करतीं, उन्हें भी शहर में आने की अनुमति नहीं होगी। 'नो PUCC, नो फ्यूल' का नियम पूरे NCR में लागू रहेगा, और इसका उल्लंघन करने वालों पर 10,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। ट्रैक्टर और 'जुगाड़' वाहनों की एंट्री भी बंद रहेगी।

निर्माण कार्यों पर भी लगाम कसी गई है। 10 दिसंबर 2026 से 20 जनवरी 2027 तक धूल उड़ाने वाले किसी भी तरह के बाहरी निर्माण या तोड़-फोड़ कार्य पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। इसके अलावा, 3,000 वर्ग मीटर से ज्यादा की कमर्शियल इमारतों में एंटी-स्मॉग गन या मिस्ट सिस्टम लगाना अनिवार्य होगा। पार्किंग शुल्क में भी इजाफा किया गया है, जो 28 फरवरी तक दोगुना रहेगा (DMRC पार्किंग को छोड़कर)।

हवा की स्थिति पर नजर रखते हुए सरकार IIT दिल्ली और मौसम विभाग (IMD) के साथ मिलकर काम कर रही है। हालांकि 31 अक्टूबर को AQI 60 के साथ दशक की सबसे साफ हवा देखी गई थी, लेकिन उसके बाद स्तर तेजी से बढ़कर 273 तक पहुंच गया। अनुमान है कि आने वाले दिनों में हवा की गुणवत्ता 'खराब' से 'बहुत खराब' श्रेणी में बनी रहेगी, जिसे देखते हुए ये कड़े कदम उठाए गए हैं।

Share:

Comments

Leave a comment