दिल्ली में प्रदूषण पर प्रशासन का बड़ा एक्शन, 3287 लोगों के कटे चालान
दिल्ली में खराब वायु गुणवत्ता के बीच प्रशासन ने प्रदूषण फैलाने वालों के खिलाफ अभियान चलाया, जिसमें 3287 चालान काटे गए।

राजधानी दिल्ली में जहरीली होती हवा और खतरनाक वायु गुणवत्ता (AQI) को देखते हुए प्रशासन ने अब पूरी सख्ती शुरू कर दी है। प्रदूषण फैलाने वालों पर लगाम लगाने के लिए अधिकारियों ने चौबीसों घंटे चलने वाला एक बड़ा अभियान चलाया है, जिसके तहत अब तक कुल 3,287 चालान काटे जा चुके हैं। इस कार्रवाई में दिन के समय 1,399 और रात के दौरान 1,888 चालान जारी किए गए हैं, जिससे यह साफ है कि प्रशासन अब किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है।
शहर के 12 निर्धारित जोन में से रोहिणी जोन में सबसे ज्यादा उल्लंघन के मामले सामने आए हैं। इस अभियान को जमीन पर उतारने के लिए दिल्ली सरकार और नगर निगम (MCD) के करीब 1,200 कर्मियों को तैनात किया गया है, जो 270 से अधिक टीमों में बंटकर लगातार गश्त कर रहे हैं। यह पूरी कार्रवाई नेशनल कैपिटल रीजन (NCR) में 2 नवंबर से लागू हुए 'ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान' (GRAP) के स्टेज II के तहत की जा रही है।
खराब AQI और सख्त नियम
आंकड़ों की बात करें तो 2 नवंबर को 914 चालान काटकर 6.86 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया, जबकि 3 नवंबर को 817 चालान के जरिए 6.12 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। 4 नवंबर को दिल्ली का 24 घंटे का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 379 दर्ज किया गया, जिसे 'बेहद खराब' श्रेणी में रखा गया है। खासकर जहांगीरपुरी, पंजाबी बाग, रोहिणी और द्वारका जैसे इलाकों में हालात काफी गंभीर बने हुए हैं और उम्मीद है कि 6 नवंबर तक हवा की गुणवत्ता इसी खराब स्तर पर बनी रहेगी।
प्रशासन ने नियमों को लेकर सख्ती बढ़ा दी है। 1 नवंबर से ही उन वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है जो दिल्ली के बाहर पंजीकृत हैं और BS-VI उत्सर्जन मानकों को पूरा नहीं करते। साथ ही, सड़कों पर PUC सर्टिफिकेट की गहन जांच की जा रही है। दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) और वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) हर दिन की रिपोर्ट पर नजर रख रहे हैं। इसके अलावा, निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण नियमों और एंटी-स्मॉग उपायों की जांच के लिए फील्ड निरीक्षण तेज कर दिए गए हैं, क्योंकि पराली जलने के कारण प्रदूषण स्तर और बढ़ने की आशंका है।