रोहिणी में दिल्ली पुलिस ने सिखाए आत्मरक्षा के गुर, महिलाओं को बनाया निडर
दिल्ली पुलिस ने रोहिणी में महिलाओं के लिए सेल्फ डिफेंस ट्रेनिंग आयोजित की, ताकि वे निडर और आत्मनिर्भर बन सकें।

राजधानी की महिलाओं को सुरक्षित और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में दिल्ली पुलिस ने एक और बड़ा कदम उठाया है। रोहिणी जिले के बेगमपुर थाना क्षेत्र में 'परिवर्तन सेल' द्वारा एक विशेष महिला आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य महिलाओं के भीतर आत्मविश्वास जगाना और उन्हें इस योग्य बनाना है कि वे किसी भी विपरीत परिस्थिति या शारीरिक चुनौती का सामना साहस और सूझबूझ के साथ कर सकें।
रोहिणी के डीसीपी ने सोशल मीडिया के माध्यम से इस कार्यक्रम की जानकारी साझा की, जिसे दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने भी रिट्वीट कर इस मुहिम को बढ़ावा दिया। यह ट्रेनिंग केवल शारीरिक कौशल तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका मकसद महिलाओं को मानसिक रूप से मजबूत बनाना है ताकि वे अपनी सुरक्षा की जिम्मेदारी खुद उठा सकें।
'शशकित' अभियान के जरिए लाखों महिलाओं को मिला संबल
गौरतलब है कि दिल्ली पुलिस लंबे समय से सामुदायिक सुरक्षा के लिए काम कर रही है। महिलाओं और बच्चों के लिए विशेष पुलिस इकाई (SPUWAC) साल 2002 से ही 'शशकित' (SHASHAKTI) जैसे अभियानों के जरिए महिलाओं को सशक्त बना रही है। आंकड़ों की बात करें तो 31 अगस्त 2026 तक, इस इकाई ने करीब 18,877 से अधिक ट्रेनिंग कैंप लगाकर दिल्ली की 35 लाख से ज्यादा लड़कियों और महिलाओं को आत्मरक्षा के गुर सिखाए हैं।
डीसीपी (परसेप्शन मैनेजमेंट और मीडिया सेल) नेहा यादव ने पहले भी इस बात पर जोर दिया था कि इस तरह के व्यावहारिक प्रशिक्षण महिलाओं के आत्मविश्वास को बढ़ाने और उनकी व्यक्तिगत सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी हैं।
रोहिणी जिला पुलिस साल 2026 में लगातार ऐसे जागरूकता कार्यक्रम चला रही है। इससे पहले 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर विभिन्न स्कूलों में ट्रेनिंग सत्र आयोजित किए गए थे। साथ ही, 29 मई से 11 जून 2026 तक एक विशाल मुफ्त समर कैंप भी लगाया गया था। दिल्ली पुलिस अब केवल अपराध रोकने तक सीमित नहीं है, बल्कि 'प्रिवेंटिव एम्पॉवरमेंट' यानी निवारक सशक्तिकरण के मॉडल पर काम कर रही है, ताकि महिलाएं खुद अपनी सुरक्षा करने में सक्षम हों।