दिल्ली पुलिस ने सत्य निकेतन हादसे के बाद पीजी छात्रों के लिए 'वॉट वरीज़ यू?' पहल शुरू की

दिल्ली पुलिस ने 6 सितंबर 2026 को सत्य निकेतन में हुए दर्दनाक इमारत हादसे के बाद 'वॉट वरीज़ यू?' (What worries you?) नाम से एक नया जनसंपर्क अभियान शुरू किया है। इस हादसे में सात लोगों की जान चली गई थी। इस अभियान का उद्देश्य पेइंग गेस्ट (पीजी) और कोचिंग वाले इलाकों में रहने वाले छात्रों की सुरक्षा को बेहतर बनाना है। 15 सितंबर 2026 तक करोल बाग के एसएचओ सहित कई पुलिस अधिकारी छात्रों से मिलकर उनके इलाके की सुरक्षा, खुले हुए बिजली के तारों और बारिश से होने वाले जलभराव से जुड़ी समस्याओं को दर्ज कर रहे हैं। यह कदम उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू के सीधे निर्देशों के बाद उठाया गया है, जिसमें एसएचओ और एसीपी को छात्रों वाले इलाकों में नियमित रूप से बातचीत करने का आदेश दिया गया है। पुलिस को 20 सितंबर 2026 तक कार्रवाई रिपोर्ट (ATR) जमा करनी है।
पीजी नियमों और सुरक्षा की समीक्षा
पीजी आवासों के नियमों की भी बड़ी समीक्षा की जा रही है। 9 सितंबर 2026 को एमसीडी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पुष्टि की कि शहर में अभी पीजी के लिए कोई अलग से लाइसेंस प्रणाली नहीं है। इसके जवाब में, दिल्ली सरकार ने एक नई नीति का प्रस्ताव रखा है जिसमें अनिवार्य रजिस्ट्रेशन, किराए की सीमा और 30 दिन के स्टोरेज वाले सीसीटीवी कैमरे लगाना शामिल है। 15 या उससे अधिक छात्रों वाले पीजी के लिए सुरक्षा गार्ड रखना अनिवार्य होगा और संचालकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि वार्डन 500 मीटर के दायरे में उपलब्ध हो। निगरानी के लिए त्रैमासिक निरीक्षण के वास्ते एक संस्थागत आवास समिति (IAC) और क्षेत्र के अनुसार किराया तय करने के लिए किराया विनियमन समिति का प्रस्ताव है। नए प्रस्तावों के तहत, सुरक्षा जमा राशि तीन महीने के किराए तक सीमित होगी और किरायेदारों को बेदखल करने से पहले 30 दिन का नोटिस देना होगा। इसके अलावा, सरकार जाति, लिंग, धर्म या मूल राज्य के आधार पर भेदभाव पर रोक लगाना चाहती है।
कानूनी कार्रवाई और आगे की प्रक्रिया
6 सितंबर के हादसे के बाद कानूनी कार्रवाई चल रही है, जिसमें इमारत मालिक के बेटे महेश गुप्ता, पीजी संचालक सुधांशु लोवनीश और ठेकेदार सनोड को गिरफ्तार कर लिया गया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सख्त कार्रवाई का वादा किया है और बताया है कि सरकार तथा एमसीडी सार्वजनिक उपयोग वाली इमारतों के लिए स्ट्रक्चरल ऑडिट नीतियों पर मिलकर काम कर रहे हैं। गृह मंत्री आशीष सूद ने यह भी संकेत दिया है कि प्रशासन न्यायमूर्ति गुप्ता समिति की सिफारिशों की समीक्षा कर रहा है और हॉस्टल के पुनर्निर्माण में मदद के लिए फ्लोर एरिया रेश्यो (FAR) में ढील देने के विकल्पों पर विचार कर रहा है। दिल्ली हाई कोर्ट इन नियामक दिशा-निर्देशों से जुड़ी याचिका पर 25 सितंबर 2026 को सुनवाई करेगा।