CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन: दिल्ली पुलिस की सख्त चेतावनी, शहर में भारी सुरक्षा बल तैनात

मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर राजधानी दिल्ली में जारी प्रदर्शन अब तनावपूर्ण मोड़ ले चुके हैं। इस बीच दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को कड़ी चेतावनी जारी की है। पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान अधिकारियों के साथ की जा रही बदसलूकी और हिंसा किसी भी तरह बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
डीसीपी सृष्टि पांडे ने गुरुवार, 8 अक्टूबर 2026 को स्पष्ट किया कि पुलिसकर्मियों के साथ मौखिक और शारीरिक दुर्व्यवहार समाज में गलत संदेश भेजता है और यह पूरी तरह अनुचित है। उन्होंने कहा कि कई युवाओं को "गलत प्रभाव" के जरिए गुमराह किया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि दिल्ली पुलिस व्यवस्था बनाए रखने में पूरी तरह सक्षम है और किसी भी अराजकता को रोकने के लिए तैयार है।
धारा 163 लागू और सुरक्षा के कड़े इंतजाम
वर्तमान में पूरी दिल्ली में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू है। इसका मतलब है कि बिना अनुमति के किसी भी तरह का विरोध प्रदर्शन या भीड़ जमा करना गैरकानूनी माना जाएगा। सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए 8 से 12 अक्टूबर के बीच 20,000 दिल्ली पुलिस कर्मियों के साथ 23,000 केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) के जवानों को तैनात किया गया है।
यह पूरा विवाद मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision) में कथित अनियमितताओं को लेकर शुरू हुआ है। इंडिया (INDIA) गठबंधन के नेतृत्व में सांसद राजघाट पर धरने पर बैठे हैं। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा जैसे विपक्षी नेताओं ने इस पूरे मामले को एक "आपराधिक साजिश" करार दिया है, जबकि चुनाव आयोग का दावा है कि उनके सभी फैसले सर्वसम्मति से लिए गए थे।
तनाव इतना बढ़ गया है कि 7 अक्टूबर को एक कांस्टेबल को प्रदर्शनकारियों द्वारा काटने की घटना सामने आई, जिसके बाद कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के कई कार्यकर्ताओं और नेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। आगामी 10 अक्टूबर को 'कॉकरोच जनता पार्टी' के नियोजित प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन अलर्ट पर है। एहतियाती तौर पर पुलिस ने आबकारी विभाग से 9 और 10 अक्टूबर को शहर की सभी शराब दुकानों को बंद रखने का अनुरोध किया है।
दूसरी ओर, भारतीय युवा कांग्रेस ने जंतर मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति न मिलने के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है, जिस पर 9 अक्टूबर को सुनवाई होनी है।