पीएम मोदी के खिलाफ टिप्पणी मामला: दिल्ली पुलिस 15 वर्षीय नाबालिग पर FIR दर्ज करने से कर सकती है इनकार

Kittu Kumari2 August 20263 min read45 viewsDelhi Local
पीएम मोदी के खिलाफ टिप्पणी मामला: दिल्ली पुलिस 15 वर्षीय नाबालिग पर FIR दर्ज करने से कर सकती है इनकार

  • दिल्ली पुलिस 15 वर्षीय रुचिका सिंह पर पीएम मोदी और उनकी दिवंगत माता के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में आगे की कार्रवाई या FIR दर्ज करने से इनकार कर सकती है।
  • यह घटना 1 अगस्त 2026 को दिल्ली के जंतर-मंतर पर Cockroach Janata Party (CJP) के विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई थी।
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 1 अगस्त 2026 को एक वीडियो संदेश में युवा प्रदर्शनकारियों को माफ करने की इच्छा जताई और कहा कि युवाओं से गलतियां होती हैं तथा सजा की तुलना में मार्गदर्शन बेहतर है।
  • रुचि सिंह ने उसी दिन सोशल मीडिया के जरिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगी और इसे अपनी "पहली और आखिरी गलती" बताया।
  • नोएडा पुलिस द्वारा दर्ज की गई Zero FIR को दिल्ली पुलिस के पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने में ट्रांसफर किया गया था।

दिल्ली पुलिस का रुख और जीरो FIR

दिल्ली पुलिस के सूत्रों के अनुसार, नोएडा पुलिस द्वारा शुरुआती Zero FIR दर्ज किए जाने के बावजूद, दिल्ली पुलिस द्वारा आगे कोई आरोप या कार्रवाई किए जाने की संभावना नहीं है। यह पूरी घटना 1 अगस्त 2026 को दिल्ली के जंतर-मंतर पर Cockroach Janata Party (CJP) के विरोध प्रदर्शन के दौरान सामने आई थी।

प्रधानमंत्री की माफी और सार्वजनिक प्रतिक्रिया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 1 अगस्त 2026 को एक वीडियो संदेश जारी कर युवा प्रदर्शनकारियों को "क्षमा करने" की अपनी इच्छा व्यक्त की। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि युवावस्था में गलतियां होती हैं और सजा देने की बजाय सही मार्गदर्शन देना ज्यादा बेहतर है। इसके बाद, रुचिका सिंह ने उसी दिन सोशल मीडिया पर एक सार्वजनिक माफीनामा जारी किया, जिसमें उन्होंने गहरा अफसोस जताया और दावा किया कि वह प्रदर्शन के दौरान दूसरों के प्रभाव में आ गई थीं। उन्होंने इसे अपनी "पहली और आखिरी गलती" करार दिया।

अन्य नेताओं के बयान और विरोध प्रदर्शन

मध्य प्रदेश के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने भी पीएम के मार्गदर्शन वाले बयान का समर्थन किया और मर्यादा के साथ विरोध प्रदर्शन करने के महत्व पर जोर दिया। प्रदर्शन की आयोजक CJP ने भी इस नाबालिग के खिलाफ FIR दर्ज किए जाने का सार्वजनिक रूप से विरोध किया है, और तर्क दिया है कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के व्यापक प्रभावों को देखते हुए ऐसे बयानों के लिए आपराधिक मुकदमा नहीं चलाया जाना चाहिए।

कानूनी कार्रवाई और वर्तमान स्थिति

इससे पहले दिल्ली पुलिस ने वीडियो शेयर करने वाले सोशल मीडिया अकाउंट्स के खिलाफ कार्रवाई शुरू की थी, जिसमें X (पूर्व में Twitter) जैसे प्लेटफॉर्म्स को कंटेंट हटाने और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड सुरक्षित रखने के लिए नोटिस जारी किए गए थे, हालांकि ट्रांसफर की गई FIR की स्थिति अभी भी समीक्षा के अधीन है। यह Zero FIR मूल रूप से 29 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट की वकील स्मृति सिंह चंदेल की शिकायत पर नोएडा पुलिस द्वारा दर्ज की गई थी। इसे भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 352, 353(1) और 356(1) के तहत दर्ज करके दिल्ली पुलिस के पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने में ट्रांसफर किया गया था। प्रधानमंत्री के सार्वजनिक रूप से माफ करने के बावजूद, नाबालिग को अज्ञात नंबरों से धमकियां मिलने की बात सामने आई है और उसकी मां ने लगातार हो रहे ऑनलाइन उत्पीड़न के बारे में भी बताया है।

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