दिल्ली पुलिस का बड़ा खुलासा: एक ही नंबर और पहचान पर चल रही थीं दो Toyota Fortuner गाड़ियां

दिल्ली पुलिस की एंटी-ऑटो थेफ्ट स्क्वाड (AATS) ने वेस्ट डिस्ट्रिक्ट में दो सफेद Toyota Fortuner SUVs को बरामद किया है, जिनकी रजिस्ट्रेशन और चेसिस नंबर एक जैसे पाए गए। यह कार्रवाई 10 अगस्त 2026 को स्वतंत्रता दिवस की सुरक्षा तैयारियों के तहत चलाए गए चेकिंग अभियान के दौरान की गई। जांच में सामने आया कि ये गाड़ियां दिल्ली और आसपास के राज्यों में पिछले लगभग पांच सालों से चल रही थीं।
गाड़ियों की तकनीकी जांच और चोरी का खुलासा
वेस्ट डिस्ट्रिक्ट के पुलिस उपायुक्त (DCP) हाश्ेश्वर वी स्वामी के अनुसार, दोनों SUVs को अलग-अलग जगहों से ट्रेस किया गया और ऑथराइज्ड सर्विस सेंटर पर तकनीकी जांच कराई गई, जिससे पुष्टि हुई कि दोनों चोरी की थीं। रिकॉर्ड से पता चलता है कि इनमें से एक गाड़ी 2019 में गांधी नगर से चोरी हुई थी, जबकि दूसरी गाड़ी ईस्ट दिल्ली के डॉ. निशांत शर्मा की थी जो 2021 में प्रीत विहार से चोरी हुई थी। गांधी नगर वाली गाड़ी का संबंध पहले स्थानीय पुलिस स्टेशन में दर्ज धोखाधड़ी के मामले से भी जुड़ा रहा है।
एक आरोपी गिरफ्तार और क्लोनिंग का खुलासा
अधिकारियों ने इस मामले में विवेक विहार के रहने वाले 23 साल के Aryan Mavi को गिरफ्तार किया है, जो इनमें से एक गाड़ी को चला रहा था। पुलिस जांच में यह भी पता चला कि प्रमोद नाम के व्यक्ति की Fortuner की पहचान की क्लोनिंग की गई थी। प्रमोद की गाड़ी को सूरज नामक एक फरार आरोपी ने किराए पर लिया था और बाद में गायब हो गया था। जांच में यह भी सामने आया कि वसंत कुंज पुलिस ने पहले एक अन्य राज्यों में चोरी की गाड़ियां सप्लाई करने वाले सिंडिकेट का भंडाफोड़ करते हुए इनमें से एक क्लोन SUV को बरामद किया था। यह मामला वाहन पहचान धोखाधड़ी की जटिल प्रकृति को उजागर करता है, जो अगस्त 2026 की पुलिस कार्रवाई तक लगभग पांच वर्षों तक पकड़ में नहीं आया था।