दिल्ली में ट्रैफिक नियमों पर सख्ती: 5 बार गलती की तो जाएगा लाइसेंस, पुलिस अलर्ट

राजधानी दिल्ली की सड़कों पर अब लापरवाही बरतने वालों की खैर नहीं है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस नियम को लेकर बेहद सख्त हो गई है और पूरे शहर में सतर्कता अभियान चलाया जा रहा है। दक्षिण दिल्ली डीसीपी कार्यालय के अनुसार, रोड सेफ्टी को बेहतर बनाने और ट्रैफिक फ्लो को सुचारू रखने के लिए पुलिसकर्मियों को विशेष ब्रीफिंग दी गई है और जगह-जगह पिकट्स लगाकर फील्ड चेक किए जा रहे हैं।
पुलिस प्रशासन ने साफ कर दिया है कि अब नियमों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस सख्ती का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 2 अक्टूबर को चलाए गए एक विशेष अभियान में केवल बसों के नियमों के उल्लंघन पर 154 चालान काटे गए और दो वाहनों को जब्त किया गया। ट्रैफिक जोन-II के एडिशनल सीपी दिनेश कुमार गुप्ता ने लोगों से अपील की है कि वे ट्रैफिक पुलिस के निर्देशों का पालन करें और भीड़भाड़ वाले समय में वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करें।
लाइसेंस सस्पेंशन और आधुनिक ट्रैफिक सिस्टम
साल 2026 के लिए नए और कड़े प्रावधान लागू किए गए हैं। अब अगर कोई ड्राइवर एक साल के भीतर पांच या उससे ज्यादा बार ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करता है, तो उसका ड्राइविंग लाइसेंस सस्पेंड किया जा सकता है। इसके अलावा, बारापुल फेज-III जैसे इलाकों में जहां लेन मर्जर की वजह से जाम की समस्या रहती है, वहां पुलिसकर्मियों की तैनाती बढ़ा दी गई है ताकि ट्रैफिक को मैन्युअली मैनेज किया जा सके।
ट्रैफिक मैनेजमेंट को हाईटेक बनाने के लिए सरकार ने 1,789.52 करोड़ रुपये के 'इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम' (ITMS) को मंजूरी दी है। इस प्रोजेक्ट के तहत 42 प्रमुख कॉरिडोर पर AI-आधारित निगरानी, ई-चालान और स्मार्ट सिग्नलिंग सिस्टम लगाए जाएंगे, जिससे मैन्युअल ट्रैफिक कंट्रोल पर निर्भरता कम होगी।
वहीं, शहर की सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए प्रशासनिक सख्ती भी जारी है। डीसीपी सचिन शर्मा ने स्पष्ट किया कि जंतर मंतर पर किसी भी विरोध प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई है और नई दिल्ली क्षेत्र में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू कर अनधिकृत प्रदर्शनों पर रोक लगाई गई है।