जंतर मंतर प्रदर्शन मामला: दिल्ली पुलिस ने CJP नेताओं को भेजा समन

जंतर मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन के मामले में दिल्ली पुलिस ने CJP नेताओं को समन भेजा है। जानें क्या है पूरा मामला।

Kittu Kumari23 October 20262 min read0 viewsDelhi Local
जंतर मंतर प्रदर्शन मामला: दिल्ली पुलिस ने CJP नेताओं को भेजा समन

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं सौरव दास और आशुतोष रंका को समन जारी किया है। यह कार्रवाई 13 अक्टूबर को जंतर मंतर पर हुए एक विरोध प्रदर्शन से जुड़े दो अलग-अलग मामलों के सिलसिले में की गई है। पुलिस ने दोनों नेताओं को गुरुवार, 22 अक्टूबर को राजौरी गार्डन स्थित क्राइम ब्रांच कार्यालय में पेश होने के निर्देश दिए थे, हालांकि नेताओं ने समय मांगा है, जिसके बाद अब पुलिस नए नोटिस जारी कर सकती है।

पूरा मामला 13 अक्टूबर का है, जब जंतर मंतर पर प्रदर्शन के दौरान सौरव दास और आशुतोष रंका कथित तौर पर बैरिकेड्स फांदकर अंदर घुस गए थे। गौरतलब है कि जंतर मंतर को फिलहाल विरोध प्रदर्शन के लिए अधिसूचित क्षेत्र से बाहर रखा गया है। इस घटना के बाद कनॉट प्लेस और पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशनों में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। उन पर सरकारी आदेशों की अवहेलना, ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के काम में बाधा डालने और बिना अनुमति प्रवेश (ट्रेसपासिंग) जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी जांच क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई थी।

अदालती कार्रवाई और रिहाई की शर्तें

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इन नेताओं की कानूनी मुश्किलें तब बढ़ीं जब उन्हें 14 अक्टूबर को हिरासत में लिया गया और बाद में उनकी न्यायिक हिरासत बढ़ाई गई। हालांकि, 21 अक्टूबर को स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) रितु राज ने 50,000 रुपये के व्यक्तिगत और जमानत बांड स्वीकार करने के बाद उन्हें रिहा कर दिया। रिहाई के साथ ही कुछ सख्त शर्तें भी रखी गईं।

  • दोनों नेताओं ने लिखित में आश्वासन दिया है कि वे शांति बनाए रखेंगे और कानून का पालन करेंगे।
  • उन्होंने वादा किया है कि जब तक जंतर मंतर को प्रदर्शन क्षेत्र के रूप में अधिसूचित नहीं किया जाता, वे वहां कोई विरोध प्रदर्शन नहीं करेंगे।
  • भविष्य में किसी भी प्रदर्शन को संवैधानिक दायरे में रखकर ही किया जाएगा।

पुलिस ने पहले उनकी हिरासत बढ़ाने की मांग की थी, क्योंकि पुलिस का मानना था कि उनके मीडिया बयानों और कोर्ट में दिए गए बयानों में अंतर है, जिससे सार्वजनिक शांति भंग होने का खतरा हो सकता है। इस मामले में पार्टी के अन्य सदस्य अजिंक्य शिंदे का नाम भी सामने आया है। अब 23 अक्टूबर को दोपहर 3 बजे SEM कोर्ट में अगली सुनवाई होगी, जहां पुलिस जमानत के लिए दिए गए दस्तावेजों की वेरिफिकेशन रिपोर्ट पेश करेगी।

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