सुरक्षा व्यवस्था को लेकर दिल्ली पुलिस दक्षिण जिले के अधिकारियों की अहम बैठक

राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था को और पुख्ता करने के लिए दिल्ली पुलिस सुरक्षा समीक्षा के तहत दक्षिण जिले के वरिष्ठ अधिकारियों ने एक महत्वपूर्ण ब्रीफिंग सेशन आयोजित किया। 16 अक्टूबर 2026 को हुई इस बैठक का मुख्य उद्देश्य वर्तमान सुरक्षा ऑपरेशंस की समीक्षा करना, विभागों के बीच तालमेल को बेहतर बनाना और आम जनता की सुरक्षा के लिए कड़े कदम उठाना था। डीसीपी साउथ दिल्ली ने सोशल मीडिया के जरिए इस बैठक की जानकारी साझा करते हुए स्पष्ट किया कि जिले में कानून व्यवस्था और सतर्कता बनाए रखने पर पूरा जोर दिया जा रहा है।
कॉनॉट प्लेस में विरोध प्रदर्शन और सुरक्षा अलर्ट
यह पूरी कवायद ऐसे समय में हुई है जब राजधानी में सुरक्षा को लेकर काफी संवेदनशीलता है। दरअसल, 15 अक्टूबर को दिल्ली हाई कोर्ट ने कॉनॉट प्लेस में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत डिपके द्वारा नियोजित विरोध प्रदर्शन पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था। हालांकि, कोर्ट ने दिल्ली पुलिस के उन आश्वासनों को रिकॉर्ड पर लिया है, जिनमें भीड़ को नियंत्रित करने और व्यवस्था बनाए रखने की बात कही गई थी।
संभावित हंगामे और अव्यवस्था को रोकने के लिए पुलिस प्रशासन ने कड़े इंतजाम किए हैं। डीसीपी पीआरओ नेहा यादव ने जानकारी दी कि सार्वजनिक और निजी संपत्तियों की सुरक्षा के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू है। इसी वजह से प्रशासनिक कारणों से 16 और 17 अक्टूबर 2026 को सेंट्रल पार्क को आम जनता के लिए बंद रखा गया है।
इससे पहले डीसीपी सृष्टि पांडे ने भी चेतावनी जारी की थी कि बिना अनुमति के किसी भी तरह के जमावड़े की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने साफ किया कि धारा 163 के उल्लंघन और अनधिकृत सभाओं में शामिल होने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।