दिल्ली पुलिस ने सुलझाई 44 लाख की दिनदहाड़े लूट, 6 आरोपी गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस ने मानसरोवर पार्क इलाके में हुई 44 लाख की दिनदहाड़े लूट की गुत्थी सुलझाई और 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर कैश बरामद किया।

दिल्ली पुलिस ने मानसरोवर पार्क इलाके में हुई 44 लाख रुपये की सनसनीखेज लूट की गुत्थी को सुलझा लिया है। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह वारदात 27 अगस्त 2026 को हुई थी, जब बदमाशों ने बंदूक की नोक पर एक व्यक्ति से नकदी से भरा बैग छीन लिया था।
पुलिस की जांच में इस गैंग का मास्टरमाइंड सत्यम विश्वकर्मा उर्फ डेविल निकला, जिसे 16 अक्टूबर 2026 को उत्तर प्रदेश से दिल्ली लाया गया और गिरफ्तार किया गया। सत्यम की निशानदेही पर पुलिस ने उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले की झाड़ियों से वारदात में इस्तेमाल पिस्तौल और मैगजीन बरामद कर ली है।
बरामदगी और गैंग का नेटवर्क
शाहदरा के डीसीपी राजेंद्र प्रसाद मीणा ने बताया कि पुलिस ने अब तक लूटी गई रकम में से 26.41 लाख रुपये बरामद कर लिए हैं। इसमें से 22 लाख रुपये से ज्यादा की रकम मुख्य आरोपी की बहन के पास सुल्तानपुर में छिपाई गई थी। इसके अलावा, पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल एक कार और तीन मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं।
इस गैंग में हर सदस्य की अपनी खास भूमिका थी। जांच के मुताबिक, सारब तिवारी ने लुटेरों और मास्टरमाइंड के बीच तालमेल बिठाया, जबकि अमरीश तिवारी लूट के वक्त मौके पर मौजूद था। गौरव तिवारी ने गैंग के रुकने का इंतजाम किया और रामjit ने भागने के लिए गाड़ी मुहैया कराई और साथियों को पुलिस से बचाने में मदद की।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में सत्यम विश्वकर्मा, प्रांजल तिवारी, सारब तिवारी, अमरीश तिवारी, गौरव तिवारी और रामजीत शामिल हैं। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, इन सभी का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है और उत्तर प्रदेश में इनके खिलाफ मारपीट, धमकी और धोखाधड़ी के मामले दर्ज हैं। यह पूरी कार्रवाई एसएचओ राजेश कुमार मिश्रा के नेतृत्व में एसीपी मुकेश कुमार और डीसीपी राजेंद्र प्रसाद मीणा के मार्गदर्शन में की गई। पुलिस ने एमएस पार्क थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।