रोहिणी के संत गिरी पब्लिक स्कूल में दिल्ली पुलिस ने सिखाए आत्मरक्षा के गुर

दिल्ली पुलिस की रोहिणी जिला परिवर्तन सेल ने छात्रों को सुरक्षित और सशक्त बनाने की दिशा में एक अहम कदम उठाया है। 7 अक्टूबर 2026 को रोहिणी स्थित संत गिरी पब्लिक स्कूल में एक विशेष सेल्फ डिफेंस ट्रेनिंग प्रोग्राम का आयोजन किया गया। इस ट्रेनिंग का मुख्य उद्देश्य छात्रों को आत्मरक्षा की बुनियादी तकनीकों से अवगत कराना और उनके भीतर आत्मविश्वास जगाना था, ताकि वे किसी भी विपरीत परिस्थिति का मजबूती से सामना कर सकें।
कम्युनिटी पुलिसिंग और सुरक्षा जागरूकता पर जोर
यह पूरा कार्यक्रम दिल्ली पुलिस की कम्युनिटी पुलिसिंग रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत 'परिवर्तन सेल' अलग-अलग शिक्षण संस्थानों में सुरक्षा कार्यशालाएं आयोजित करता है। इस तरह के प्रोग्राम अक्सर 'शशक्ती' जैसी पहलों के अंतर्गत चलाए जाते हैं, जहां छात्रों को न केवल शारीरिक रूप से लड़ना सिखाया जाता है, बल्कि उन्हें स्थिति के प्रति जागरूक (Situational Awareness) रहने की ट्रेनिंग भी दी जाती है।
दिल्ली पुलिस की इस पहल की जानकारी डीसीपी रोहिणी के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल के जरिए साझा की गई, जिसे दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने भी प्रमोट किया। इस कार्यक्रम में एलजी ऑफिस और विभिन्न जिला डीसीपी कार्यालयों को भी टैग किया गया, जो इस अभियान की गंभीरता को दर्शाता है।
गौरतलब है कि महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए दिल्ली पुलिस का स्पेशल पुलिस यूनिट फॉर विमेन एंड चिल्ड्रन (SPUWAC) लगातार काम कर रहा है। आंकड़ों के मुताबिक, 31 अगस्त 2026 तक इस यूनिट ने कुल 18,877 ट्रेनिंग सेशन आयोजित किए हैं, जिससे अब तक 35 लाख से ज्यादा छात्र और कामकाजी महिलाएं लाभान्वित हो चुकी हैं।