Delhi Police का बड़ा एक्शन: Gen Z स्टाइल कैंपेन के साथ जब्त किए 3,500 चीनी मांझा रोल

दिल्ली पुलिस ने चीनी मांझा (Kite String) के इस्तेमाल के खिलाफ एक अनोखा सोशल मीडिया कैंपेन शुरू किया है। इस कैंपेन में वायरल "कुचू-पुचू" ट्रेंड का इस्तेमाल करते हुए लोगों को चेतावनी दी गई है कि वे चीनी मांझे से दूर रहें। इस ऑनलाइन कैंपेन का संदेश है, "Dear Kuchu Puchu, Patang Udao but Say NO to Chinese Manjha, Samjhe?" इसके साथ ही अधिकारियों ने खतरनाक सिंथेटिक धागे के खिलाफ अपनी कार्रवाई को तेज कर दिया है और शहर के अलग-अलग हिस्सों से 3,500 से ज्यादा रोल जब्त किए हैं।
हादसों के बाद पुलिस की कड़ी कार्रवाई
यह कार्रवाई अगस्त 2026 में चीनी मांझे की वजह से दो लोगों के घायल होने की घटनाओं के बाद सामने आई है, जिसमें साढ़े तीन साल का एक बच्चा और 32 साल का एक व्यक्ति शामिल हैं। 12 अगस्त 2026 को क्राइम ब्रांच ने वेस्ट दिल्ली में तीन लोगों—राजेश, असद और सोहेल को गिरफ्तार किया और 1,398 प्रतिबंधित मांझा रीढ़ तथा परिवहन में इस्तेमाल होने वाला वाहन जब्त किया। इससे पहले, क्राइम ब्रांच ने 1,300 से अधिक रोल और सेंट्रल दिल्ली पुलिस ने लगभग 120 रोल बरामद किए थे। सीनियर पुलिस अधिकारियों ने चीनी मांझा बेचने वालों के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज करने और उनकी गिरफ्तारी के लिए कड़े निर्देश जारी किए हैं।
नियम और सजा के कड़े प्रावधान
दिल्ली के नेशनल कैपिटल टेरिटरी में 10 जनवरी 2017 से चीनी मांझा सहित सभी सिंथेटिक पतंग उड़ाने वाले धागों की बिक्री, उत्पादन, भंडारण, आपूर्ति, आयात और इस्तेमाल पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा हुआ है (Source: Delhi Environment Department)। इस प्रतिबंध के तहत केवल ऐसे सूती धागे की अनुमति है जो किसी भी नुकीले, धात्विक या कांच के घटकों से मुक्त हो। इन नियमों का उल्लंघन करना एनवायरनमेंट (प्रोटेक्शन) एक्ट, 1986 की धारा 15 के तहत एक दंडनीय अपराध है, जिसमें पांच साल तक की कैद और/या एक लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है (Source: Delhi Environment Department)। हाल के मामलों में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223(B) का भी हवाला दिया गया है। दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने पहले ही यह बयान दिया था कि "चीनी मांझा इंसानों, जानवरों और पक्षियों की जान ले सकता है और इसका इस्तेमाल अवैध है।"