CJP प्रदर्शन को लेकर दिल्ली पुलिस अलर्ट, जंतर मंतर पर सुरक्षा सख्त; 334 GRP जवान तैनात

राजधानी दिल्ली में 10 अक्टूबर को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा जंतर मंतर पर प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन को लेकर दिल्ली पुलिस पूरी तरह मुस्तैद है। प्रशासन ने सुरक्षा कारणों और आवेदन में देरी का हवाला देते हुए इस प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी है, लेकिन पार्टी के नेताओं, अभिजीत डिपके और सौरव दास ने प्रदर्शन करने की अपनी मंशा साफ कर दी है। इस स्थिति से निपटने के लिए पुलिस ने कड़े इंतजाम किए हैं और डीसीपी सृष्टि पांडे ने स्पष्ट किया है कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 लागू है, जिसके तहत कोई भी जमावड़ा अवैध माना जाएगा।
सुरक्षा के इंतजाम इतने व्यापक हैं कि 8 से 12 अक्टूबर के बीच दिल्ली पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) के लगभग 23,000 जवानों को तैनात किया गया है। रेलवे स्टेशनों की सुरक्षा पर विशेष जोर दिया गया है, जहाँ डीसीपी रेलवे बी. भारत रेड्डी ने 334 जीआरपी कर्मियों की तैनाती की बात कही है, जिनमें 120 महिला अधिकारी शामिल हैं। इसके अलावा, स्टेशनों की सुरक्षा के लिए 14 CAPF कंपनियों की मांग भी की गई है।
मेट्रो और ट्रेनों पर लगा ब्रेक, शराब दुकानें रहेंगी बंद
भीड़ को नियंत्रित करने और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए दिल्ली पुलिस ने दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) को सुझाव दिया है कि 9 अक्टूबर की रात 9 बजे से 57 प्रमुख स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार बंद कर दिए जाएं। इतना ही नहीं, भारतीय रेलवे ने भी बड़े कदम उठाते हुए 10 अक्टूबर को सुबह 4 बजे से दोपहर 2 बजे के बीच नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन स्टेशनों पर आने वाली 165 ट्रेनों में से 38 ट्रेनों को रद्द कर दिया है। एहतियात के तौर पर 9 और 10 अक्टूबर को शहर की रिटेल शराब दुकानें भी बंद रहेंगी।
यह विरोध प्रदर्शन मुख्य रूप से मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण में कथित गड़बड़ियों और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर किया जा रहा है। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने 9 अक्टूबर को यह टिप्पणी की थी कि शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार का सम्मान करते हुए जनता की असुविधा को कम किया जाना चाहिए, लेकिन पुलिस प्रशासन सुरक्षा को प्राथमिकता दे रहा है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिस बड़े पैमाने पर गिरफ्तारियां कर रही है, जिसमें दीपक बालियान का नाम भी शामिल है। वहीं, पुलिस प्रशासन भीड़ को रोकने के लिए रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) के संपर्क में है।