राजघाट के पास दिल्ली पुलिस ने लगाई पाबंदी, INDIA गठबंधन के विरोध मार्च के चलते धारा 163 लागू

राजधानी दिल्ली में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। INDIA गठबंधन द्वारा राजघाट की ओर मार्च निकालने की घोषणा के बाद दिल्ली पुलिस ने एहतियात बरतना शुरू कर दिया है। सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए पुलिस ने राजघाट के आसपास के इलाकों में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू कर दी है, जिसके तहत सार्वजनिक जमावड़े और भीड़ इकट्ठा होने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।
यह पूरी खींचतान तब शुरू हुई जब कांग्रेस पार्टी ने वरिष्ठ नेताओं, जिनमें राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा शामिल थे, के साथ हुए कथित 'बर्बर व्यवहार' और 'लाठीचार्ज' के विरोध में 7 अक्टूबर को 'ब्लैक डे' मनाने का ऐलान किया। कांग्रेस के संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने आरोप लगाया कि जंतर-मंतर की ओर मार्च के दौरान पुलिस की कार्रवाई में कई विपक्षी नेताओं को गंभीर चोटें आई हैं। इसी आक्रोश को देखते हुए कांग्रेस ने आज राज्य, जिला और ब्लॉक स्तर पर देशव्यापी विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया है।
लोकतंत्र और अधिकारों की लड़ाई का दावा
इस पूरे घटनाक्रम पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने स्पष्ट किया कि INDIA गठबंधन नागरिकों के वोट और उनकी आजादी की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। वहीं, नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके खिलाफ दर्ज हो रहे कानूनी मामले उनके लिए 'मेडल' की तरह हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन लोकतांत्रिक विरोध की आवाज को दबाने की कोशिश कर रहा है।
दूसरी ओर, दिल्ली पुलिस ने साफ किया है कि 6 अक्टूबर को चुनाव आयोग (ECI) के कार्यालय की ओर निकलने वाले मार्च के लिए कोई अनुमति नहीं मांगी गई थी और न ही दी गई थी। नियमों के मुताबिक, जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के लिए कम से कम 10 दिन पहले आवेदन करना होता है और प्रतिभागियों की संख्या 1,000 तक सीमित रखी जाती है।
चुनाव आयोग ने भी अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि उन्होंने विपक्ष की बैठक के अनुरोध पर विचार किया था, लेकिन संसद में 240 सांसदों को बुलाने की मांग प्रोटोकॉल के खिलाफ थी। हालांकि, आयोग ने अपने कार्यालय में मिलने का विकल्प दिया था। इसी बीच, प्रशासन 10 अक्टूबर को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 'कॉकरोच जनता पार्टी' द्वारा आयोजित प्रदर्शन पर भी नजर रखे हुए है।