दिल्ली के आस्थान कुंज पार्क में 17 साल की लड़की के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म के बाद प्रशासन ने कड़े कदम उठाए हैं। दिल्ली पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार ने तुरंत पूरे शहर में अभियान चलाने का आदेश दिया है ताकि अंधेरे इलाकों और खराब सीसीटीवी कैमरों की पहचान करके उन्हें ठीक किया जा सके। सभी 15 जिलों के पुलिस उपायुक्तों को पार्क, रास्तों और सुनसान जगहों का सर्वे करने को कहा गया है। इसके अलावा सभी सुनसान इलाकों में गश्त बढ़ा दी गई है और लगातार निगरानी रखी जा रही है।
दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने पुलिस को एक विशेष महिला दस्ता
'पिंक फोर्स' बनाने का निर्देश दिया है। यह यूनिट मेट्रो स्टेशनों, स्कूलों और कॉलेजों जैसे संवेदनशील इलाकों में गश्त करेगी। उपराज्यपाल ने यौन उत्पीड़न से निपटने के लिए
'ऑपरेशन शिष्टाचार' शुरू करने, जनता की शिकायतों के लिए डिजिटल 'जन सुनवायी' ट्रैकिंग सिस्टम लागू करने और पैदल तथा मोटरसाइकिल गश्त बढ़ाने के भी निर्देश दिए हैं।
फरीदाबाद की रहने वाली 17 साल की पीड़िता के साथ यह घटना तब हुई जब तीन लोगों ने खुद को पुलिसकर्मी बताकर उसे उसके दोस्त से अलग कर दिया और हमला किया।
पुलिस ने तीनों आरोपियों आसिफ, हेमंत और मुकेश को गिरफ्तार कर लिया है। जांच में सामने आया कि पार्क में लाइटें टूटी हुई थीं और कैमरे बंद थे, जिसकी जानकारी पुलिस ने जुलाई 2026 में ही अधिकारियों को दे दी थी। इस पार्क की मालकिन दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने कहा है कि वह सुरक्षा गार्डों और पुलिस के साथ तालमेल की समीक्षा कर रही है।
इस घटना के बाद दिल्ली महिला आयोग ने पुलिस से एक्शन टेकन रिपोर्ट मांगी है। इसके अलावा लेडी श्रीराम कॉलेज ने सुरक्षा कारणों से अपनी दोपहर की सभी कक्षाओं को निलंबित कर दिया है और गेस्ट लेक्चर को ऑनलाइन कर दिया है। इस जांच में दक्षिण रेंज के संयुक्त पुलिस आयुक्त विजय कुमार, विभिन्न जिलों के डीसीपी, अमर कॉलोनी थाने के एसएचओ और दक्षिण-पूर्वी जिले के विशेष स्टाफ के इंस्पेक्टर राजेंद्र डागर शामिल हैं।