दिल्ली पुलिस ने जारी की सख्त सुरक्षा एडवाइजरी, फर्जी पुलिस अधिकारियों से सावधान रहने की अपील

दिल्ली पुलिस ने हाल ही में हुई आपराधिक घटनाओं के बाद नागरिकों के लिए एक जरूरी सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है। यह कदम दक्षिण दिल्ली के आस्था कुंज पार्क में 17 वर्षीय लड़की के साथ कथित दुष्कर्म के मामले में 22 और 25 सितंबर 2026 को तीन आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद उठाया गया है। इस मामले की जानकारी The Times of India और The Economic Times की रिपोर्टों में 28 और 29 सितंबर को दी गई थी, जिसमें पुलिस अधिकारी बनकर लोगों को डराने और धमकाने वाले अपराधियों के खतरनाक तौर-तरीकों का खुलासा किया गया है।
फर्जी पुलिस अधिकारियों के काम करने का तरीका
खुद को कानून प्रवर्तन अधिकारी बताने वाले ये अपराधी अक्सर लोगों को डराने के लिए सख्त भाषा का इस्तेमाल करते हैं। ये जालसाज अक्सर समूहों में काम करते हैं और एक-दूसरे को 'सर' या 'जनाब' कहकर संबोधित करते हैं ताकि खुद को असली अधिकारी साबित कर सकें। ये अपराधियों अक्सर पीड़ितों को गिरफ्तारी की धमकी देते हैं, झूठे कानूनी वारंट दिखाते हैं, या माता-पिता को शामिल करने और थाने ले जाने की बात कहकर लोगों में डर पैदा करते हैं।
वर्दी और सादे कपड़ों में फर्जीवाड़ा
कुछ जालसाज पुलिस की वर्दी पहनते हैं तो कुछ सादे कपड़ों में घूमते हैं और खुद को विशेष जांच इकाइयों का हिस्सा बताते हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि कुछ विशेष इकाइयां सादे कपड़ों में काम कर सकती हैं, लेकिन इन अधिकारियों को बिना किसी वैध कारण के सार्वजनिक पार्कों में जोड़ों या आम लोगों को परेशान करने का कोई अधिकार नहीं है।
सुरक्षा के लिए दिल्ली पुलिस के निर्देश
सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए दिल्ली पुलिस ने कुछ खास उपाय बताए हैं। नागरिकों को सलाह दी जाती है कि यदि कोई खुद को पुलिस अधिकारी बताए और पूरी वर्दी में न हो, तो उससे उसका आधिकारिक पहचान पत्र जरूर मांगें। अगर स्थिति संदिग्ध लगे, तो तुरंत आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर 112 पर संपर्क करें। अधिकारियों का यह भी सुझाव है कि यदि किसी व्यक्ति को खतरा महसूस हो, तो वह डरने के बजाय जल्दी से किसी रोशनी वाली या भीड़भाड़ वाली जगह की ओर बढ़े और मदद के लिए आसपास के लोगों से संपर्क करते हुए तुरंत पुलिस को फोन करें।