VIP काफवे और ट्रैफिक पर दिल्ली पुलिस का आरटीआई में स्पष्ट जवाब नहीं, किराए के वाहनों पर खर्च हुए करोड़ों रुपये

नई दिल्ली में वीआईपी और वीवीआईपी मूवमेंट के कारण होने वाली ट्रैफिक परेशानी एक गंभीर और लगातार बनी रहने वाली समस्या है। हाल ही में सामने आया है कि दिल्ली पुलिस ने आरटीआई (RTI) के जवाब में वीआईपी काफवे के लिए ट्रैफिक रोके जाने, जनता की शिकायतों के रिकॉर्ड और नागरिकों को होने वाली देरी के बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी है। इसके साथ ही यह खुलासा भी हुआ है कि राजधानी में वीआईपी सुरक्षा के लिए किराए के वाहनों पर पिछले चार वर्षों में 43 करोड़ रुपये से अधिक की राशि खर्च की जा चुकी है।
ट्रैफिक जाम और विभिन्न वीआईपी मूवमेंट के नियम
शहर में वीआईपी मूवमेंट के कारण अक्सर भारी ट्रैफिक जाम और रूट डायवर्जन की समस्या होती है, जैसा कि फरवरी 2026 में एक AI समिट के दौरान लोधी रोड फ्लाईओवर बंद होने पर देखा गया था। प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के काफवे के गुजरने के दौरान आमतौर पर 3 से 5 मिनट के लिए 'VIP route' बंद किया जाता है, जबकि उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री के मूवमेंट के लिए 'clear pass' सिस्टम का उपयोग किया जाता है जिसमें ट्रैफिक चलता रहता है। इसके अलावा, मई 2026 में प्रधानमंत्री द्वारा ईंधन बचाने की अपील के बाद, दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा से समझौता किए बिना वीआईपी और विदेशी मेहमानों के काफवे में वाहनों की संख्या 10 से 15 प्रतिशत तक कम करने का आदेश जारी किया था। पुलिस ने आगामी सम्मेलनों के लिए किराए की कारों और बसों के वास्ते टेंडर भी जारी किए हैं।
किराए के वाहनों पर भारी-भरकम खर्च और आरटीआई खुलासे
वीआईपी सुरक्षा वाहनों पर होने वाला खर्च काफी अधिक रहा है, जिसके आंकड़े पहले भी सामने आ चुके हैं। मई 2022 के खुलासों के अनुसार सालाना 53 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए गए थे, वहीं सितंबर 2018 की एक रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली पुलिस ने लगभग 400 किराए के वाहनों पर सालाना करीब 50 करोड़ रुपये खर्च किए थे, जो आठ वर्षों में 3.5 अरब रुपये से अधिक बैठता है। हालांकि ट्रैफिक रोकने और देरी को लेकर दिल्ली पुलिस के विशिष्ट आरटीआई जवाबों पर कोई ताजा अपडेट उपलब्ध नहीं है, लेकिन वीआईपी सुरक्षा के लिए किराए के वाहनों की लागत से जुड़ी जानकारी पहले आरटीआई के जरिए दी जा चुकी है। Delhi Police के वरिष्ठ अधिकारियों ने मई 2026 में काफवे के वाहनों की संख्या में कटौती किए जाने की योजना की पुष्टि की थी।