दिल्ली पुलिस का एक्शन: UPI ट्रांजेक्शन से पकड़ा किडनैपर, 13 साल का बच्चा सुरक्षित
दिल्ली पुलिस ने डिजिटल तकनीक और UPI ट्रांजेक्शन की मदद से किडनैपिंग केस को सुलझाते हुए 13 साल के बच्चे को बचाया और आरोपी को गिरफ्तार किया।

दिल्ली पुलिस ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए ज्योति नगर इलाके से अगवा किए गए 13 साल के मासूम बच्चे को सुरक्षित बचा लिया है। पुलिस ने न केवल बच्चे को छुड़ाया, बल्कि इस पूरे मामले में शामिल आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया है। हैरान करने वाली बात यह है कि पुलिस ने इस केस को सुलझाने के लिए जिस डिजिटल तरीके का इस्तेमाल किया, उसने अपराधी को चारों तरफ से घेर लिया।
मिली जानकारी के मुताबिक, बच्चे के अपहरण के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई शुरू की और महज तीन घंटे के भीतर उसे बरामद कर लिया। इस ऑपरेशन में पुलिस ने एक स्मार्ट तरीका अपनाया और किडनैपर द्वारा किए गए UPI ट्रांसफर का पीछा किया। डिजिटल फुटप्रिंट्स और ट्रांजेक्शन की बारीकी से जांच करते हुए पुलिस की टीम सीधे करावल नगर स्थित एक साइबर कैफे पहुंची, जहां आरोपी छिपा बैठा था।
डिजिटल फोरेंसिक से खुला राज
पुलिस ने मौके से आरोपी को दबोच लिया और उसके पास से वह मोबाइल फोन भी जब्त कर लिया, जिसका इस्तेमाल फिरौती मांगने के लिए किया जा रहा था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल फोरेंसिक और तकनीक के सही इस्तेमाल की वजह से अपराधी को इतनी जल्दी पकड़ा जा सका। 1 नवंबर 2026 को अंजाम दिए गए इस ऑपरेशन ने यह साबित कर दिया कि अब अपराधी डिजिटल दुनिया में भी सुरक्षित नहीं हैं।
फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस वारदात में कोई और भी शामिल था या नहीं। बच्चे को उसके परिवार को सौंप दिया गया है, जिन्होंने पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की सराहना की है।