जंतर मंतर अब प्रदर्शन की जगह नहीं, दिल्ली पुलिस ने लिस्ट से हटाया नाम

Kittu Kumari13 October 20262 min read0 viewsDelhi Local
जंतर मंतर अब प्रदर्शन की जगह नहीं, दिल्ली पुलिस ने लिस्ट से हटाया नाम

राजधानी दिल्ली में विरोध प्रदर्शनों के लिए मशहूर जंतर मंतर प्रदर्शन स्थल अब आधिकारिक तौर पर मान्य नहीं रहेगा। दिल्ली पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार ने 11 अक्टूबर 2026 को एक आदेश जारी कर जंतर मंतर को उन निर्धारित स्थानों की सूची से हटा दिया है, जहां सार्वजनिक विरोध प्रदर्शन और प्रदर्शन की अनुमति थी। यह फैसला अप्रैल 2022 के पुराने आदेश में बदलाव करते हुए लिया गया है।

केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा गठित एक समिति की सिफारिशों के बाद यह कदम उठाया गया है। अब प्रदर्शनकारियों को अपनी आवाज उठाने के लिए रामलीला मैदान, बुराड़ी ग्राउंड या सीबीडी ग्राउंड जैसे वैकल्पिक स्थानों का रुख करना होगा। प्रशासन का मानना है कि कनॉट प्लेस जैसे महत्वपूर्ण इलाकों के पास भीड़ कम होने से ट्रैफिक व्यवस्था सुधरेगी और सुरक्षा बनी रहेगी। स्थानीय व्यापारियों ने भी इस फैसले पर राहत जताई है।

विरोध और कानूनी उलझनों के बीच बढ़ा तनाव

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एक तरफ जहां प्रदर्शन स्थलों को बदला जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूची के संशोधन को लेकर राजनीतिक घमासान मचा हुआ है। राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे जैसे विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया है कि मतदाता सूची से करीब 13 करोड़ नाम हटा दिए गए हैं, जिससे बड़ी संख्या में लोग वोट देने के अधिकार से वंचित हो सकते हैं। हालांकि, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा कि यह पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया है और सत्यापन के बाद ही नाम हटाए गए हैं।

इस मामले में 'इंडिया' गठबंधन ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है, लेकिन तकनीकी खामियों और कोर्ट फीस में कमी के कारण सुनवाई में देरी हो रही है। इसी बीच, 13 अक्टूबर 2026 को 'कॉकरोच जनता पार्टी' के कार्यकर्ताओं ने जंतर मंतर पर दोबारा कब्जा करने की कोशिश की। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके के सोशल मीडिया पोस्ट के अनुसार, कुछ सदस्य सुरक्षा गेट कूदकर अंदर घुस गए, जिसके बाद पुलिस ने सौरव दास, आशुतोष रंका और अजिंक्य शिंदे समेत कई लोगों को हिरासत में ले लिया।

हालात को देखते हुए पुलिस ने इलाके में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) की तैनाती बढ़ाने की मांग की है। अब देखना यह है कि सुप्रीम कोर्ट याचिका पर सुनवाई कब करता है और पुलिस नए निर्धारित मैदानों के इस्तेमाल के लिए क्या गाइडलाइंस जारी करती है।

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