दिल्ली पुलिस ने एआई-मॉर्फ़्ड फोटो और उत्पीड़न की शिकायत पर दर्ज की एफआईआर

दिल्ली पुलिस ने एक महिला की शिकायत पर औपचारिक रूप से एफआईआर दर्ज कर ली है। महिला ने आरोप लगाया था कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल करके उसकी तस्वीरों को मॉर्फ़ किया गया और उसे अपमानित तथा प्रताड़ित किया गया। रिपोर्ट के अनुसार, 24 सितंबर 2026 को जांच शुरू की गई थी और अधिकारियों ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) तथा सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) अधिनियम के प्रासंगिक प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया है (ANINews)।
एआई तकनीक के दुरुपयोग से जुड़ी अन्य घटनाएं
यह घटना दिल्ली पुलिस द्वारा एआई तकनीक के दुरुपयोग के संबंध में हाल ही में की गई कई प्रवर्तन कार्रवाइयों के बाद सामने आई है। 9 सितंबर 2026 को पुलिस ने एक पूर्व कॉलेज परिचित की अशील एआई-जनरेटेड तस्वीरें प्रसारित करने के आरोप में 22 वर्षीय केशव बंसल को गिरफ्तार किया था। इसके अलावा, मई 2026 में 27 वर्षीय सुमित शर्मा नामक व्यक्ति को एक महिला और उसकी मां की 100 से अधिक एआई-मॉर्फ़्ड नग्न तस्वीरें और वीडियो बनाकर उन्हें परेशान करने के आरोप में हिरासत में लिया गया था। एक अन्य मामले में जून 2026 में 30 वर्षीय सौरव की गिरफ्तारी शामिल थी, जिसने नौकरी प्रदाता के रूप में पेश होकर पीड़ितों को ब्लैकमेल करने के लिए एआई-जनरेटेड इमेज का इस्तेमाल किया था।
दिल्ली पुलिस की नई एडवाइजरी और चेतावनी
साइबर अपराधों की बढ़ती आवृत्ति के जवाब में, दिल्ली पुलिस ने 23 सितंबर 2026 को नई एडवाइजरी जारी की। विभाग ने सोशल मीडिया यूजर्स को असत्यापित एआई प्लेटफॉर्म पर व्यक्तिगत तस्वीरें अपलोड करने के खिलाफ चेतावनी दी, जिसमें विशेष रूप से हाल के '1980 के दशक के एआई फोटो ट्रेंड' से जुड़े जोखिमों का उल्लेख किया गया। अधिकारियों ने चेतावनी दी कि इस तरह के डेटा का इस्तेमाल ब्लैकमेल, साइबर धोखाधड़ी और फर्जी प्रोफाइल बनाने के लिए किया जा सकता है, और जनता से आग्रह किया कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत रिपोर्ट करें।