दिल्ली पुलिस के 'ऑपरेशन विश्वास' में 568 खोए मोबाइल बरामद, असली मालिकों को लौटाए गए

दिल्ली पुलिस के नॉर्थ-ईस्ट डिस्ट्रिक्ट ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए खोए और चोरी हुए 568 मोबाइल फोन बरामद किए हैं और उन्हें उनके असली मालिकों को वापस सौंप दिया है। यह पूरा अभियान 'Operation Vishwas' के बैनर तले 1 जुलाई से 15 अगस्त 2026 के बीच चलाया गया था। बरामद किए गए इन उपकरणों में दिसंबर 2021 में चोरी हुआ एक पुराना फोन और मई 2026 का एक हालिया मामला भी शामिल है। इस सर्च ऑपरेशन को डिस्ट्रिक्ट एडवांस्ड नॉलेज-बेस्ड साइंटिफिकल हेल्पडेस्क टीम ने इंस्पेक्टर राम मनोहर मिश्रा के नेतृत्व में पूरा किया। इस मिशन की देखरेख एडिशनल डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस-II अरविंद कुमार ने की, जिसमें एसआई विश्व विजय, एएसआई बिजेंद्र, हेड कांस्टेबल नितिन और जिले के सभी पुलिस स्टेशनों के पुलिसकर्मी शामिल थे।
CEIR पोर्टल की मदद से चलाए गए सर्च ऑपरेशन
मोबाइल फोन का पता लगाने के लिए पुलिस ने Central Equipment Identity Register (CEIR) पोर्टल का इस्तेमाल किया। C-DOT द्वारा विकसित यह सिस्टम खोए या चोरी हुए फोन के IMEI नंबर को ब्लॉक करने की अनुमति देता है, जिससे नया सिम कार्ड डालने पर भी वे किसी मोबाइल नेटवर्क पर काम नहीं कर सकते। जब कोई चोरी या खोया हुआ फोन किसी टेलीकॉम नेटवर्क पर एक्टिवेट होता है, तो CEIR पोर्टल टेक्निकल अलर्ट देता है, जिससे पुलिस को लोकेशन डेटा और उपयोग की जानकारी मिलती है। इस रिकवरी प्रोसेस में टेक्निकल एनालिसिस, फील्ड वेरिफिकेशन और टेलीकॉम कंपनियों के साथ तालमेल शामिल था।
मालिकों को सौंपे गए फोन और पुलिस की अपील
बरामद किए गए सभी 568 मोबाइल फोन संबंधित स्टेशनों के ACPs, SHOs और अन्य पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में उनके मालिकों को सौंप दिए गए। अपने डिवाइस मिलने पर मालिकों ने दिल्ली पुलिस और नॉर्थ-ईस्ट डिस्ट्रिक्ट पुलिस का आभार व्यक्त किया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि CEIR पोर्टल जैसी तकनीकों ने चोरी हुई संपत्ति की रिकवरी को काफी आसान बना दिया है और चोरी के फोन की बिक्री या अवैध इस्तेमाल को रोका है। पुलिस ने जनता से अपील की है कि वे मोबाइल खोने या चोरी होने पर तुरंत रिपोर्ट दर्ज करें और CEIR पोर्टल पर अपने डिवाइस का IMEI नंबर ब्लॉक करें।