वरिष्ठ अधिकारियों के तबादले पर भड़के जवान, दिल्ली पुलिस मुख्यालय के बाहर किया प्रदर्शन
वरिष्ठ अधिकारियों के तबादले के खिलाफ दिल्ली पुलिस कर्मियों ने मुख्यालय के बाहर किया प्रदर्शन, पुलिस कमिश्नर से की मुलाकात।

राजधानी दिल्ली में पुलिस महकमे के भीतर उस वक्त तनावपूर्ण स्थिति बन गई, जब बड़ी संख्या में पुलिस कर्मियों ने अपने ही मुख्यालय (PHQ) के बाहर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। 2 नवंबर 2026 को करीब 80 से 100 पुलिस कर्मियों, जिनमें महिला अधिकारी भी शामिल थीं, ने गेट नंबर 1 पर जमा होकर अपनी नाराजगी जाहिर की। यह पूरा मामला दो वरिष्ठ अधिकारियों के अचानक हुए तबादलों से जुड़ा है, जिसे पुलिस बल ने अन्यायपूर्ण करार दिया है।
दरअसल, यह विवाद 23 अक्टूबर को शाहदरा पुलिस स्टेशन में पुलिस और वकीलों के बीच हुई एक झड़प से शुरू हुआ था, जिसमें एक वकील घायल हो गया था। इस घटना के बाद 28 अक्टूबर को एसीपी मनस्वी वशिष्ठ और शाहदरा के पूर्व एसएचओ इंस्पेक्टर अरुण कुमार का तबादला कर दिया गया। प्रदर्शन कर रहे जवानों का आरोप है कि यह कार्रवाई वकीलों के दबाव में की गई है, जिससे पुलिस बल के मनोबल को गहरी चोट पहुंची है।
तबादलों को बताया 'दबाव का नतीजा', कमिश्नर से मांगी मुलाकात
प्रदर्शनकारियों की मांग है कि एसीपी वशिष्ठ और इंस्पेक्टर कुमार को तुरंत उनके पुराने पदों पर बहाल किया जाए। इसके अलावा, पुलिस कर्मियों ने पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार के साथ एक 'संपर्क सभा' आयोजित करने की मांग की, ताकि वे अपनी कार्य स्थितियों और सुरक्षा से जुड़ी समस्याओं पर सीधी चर्चा कर सकें। गौरतलब है कि इस मामले को लेकर जिला बार के सदस्यों और पुलिस के बीच तनाव इतना बढ़ गया था कि वकीलों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल कर दी थी, जो तबादलों के आदेश के बाद ही समाप्त हुई थी।
प्रदर्शन के दौरान स्थिति को संभालने की कोशिश करते हुए डीसीपी (नई दिल्ली) सचिन शर्मा ने जवानों को मुख्यालय के अंदर आकर चर्चा करने के लिए मनाया, हालांकि शुरुआत में जवान बाहर ही डटे रहे। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार और स्पेशल कमिश्नरों ने PHQ के आदर्श ऑडिटोरियम में एक बैठक बुलाई, जहां पुलिस कर्मियों की शिकायतों को विस्तार से सुना गया।