CJP प्रोटेस्ट हिंसा मामला: दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने शुरू की औपचारिक जांच

Kittu Kumari8 October 20262 min read0 viewsDelhi Local
CJP प्रोटेस्ट हिंसा मामला: दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने शुरू की औपचारिक जांच

20 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा आयोजित विरोध प्रदर्शन के दौरान भड़की हिंसा ने अब एक बड़ा कानूनी मोड़ ले लिया है। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने इस पूरे मामले की औपचारिक जांच शुरू कर दी है। 8 अक्टूबर 2026 से शुरू हुई इस जांच का मुख्य मकसद यह पता लगाना है कि उस दिन हुई हिंसा महज एक इत्तेफाक थी या इसके पीछे कोई सोची-समझी साजिश रची गई थी। पुलिस इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि क्या प्रदर्शनकारियों की भीड़ में कुछ आपराधिक तत्व घुस आए थे जिन्होंने माहौल को बिगाड़ा।

जांच की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि पुलिस फेसियल रिकग्निशन सिस्टम (FRS) का सहारा ले रही है। 20 से 26 जुलाई के बीच तैनात इस तकनीक के जरिए करीब 2,873 संदिग्धों की पहचान की गई है। पुलिस अब इन सभी की भूमिका की बारीकी से जांच कर रही है, जिनमें से कई लोगों का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी रहा है। इस मामले में पुलिस कर्मियों पर हमले, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और पुलिस वाहनों में तोड़फोड़ जैसी गंभीर घटनाओं पर फोकस किया जा रहा है।

साजिश या इत्तेफाक? नेताओं से होगी पूछताछ

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क्राइम ब्रांच यह समझने की कोशिश कर रही है कि क्या इस हिंसा की कोई पूर्व योजना बनाई गई थी। इस सिलसिले में CJP के बड़े नेताओं, जिनमें अभिजीत दीपके, सौरभ दास और आशुतोष रंका शामिल हैं, से पूछताछ की जा सकती है। गौरतलब है कि यह विरोध प्रदर्शन तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर किया गया था, जो NEET पेपर लीक मामले से जुड़ा था।

इस पूरे घटनाक्रम में कानूनी पेच भी रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही इस घटना से जुड़ी 17 एफआईआर (FIR) को रद्द करने का निर्देश दिया था और पुलिस की कथित ज्यादतियों की जांच के लिए पांच सदस्यीय उच्चाधिकार प्राप्त समिति का गठन किया था। वहीं, पुलिस प्रशासन ने यह भी माना है कि भीड़ की संख्या और लामबंदी को लेकर खुफिया जानकारी सटीक नहीं थी, जिसके बाद इंटेलिजेंस प्रोटोकॉल की समीक्षा की गई।

भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत मामला दर्ज होने के बाद अब क्राइम ब्रांच की नजरें आने वाले राजनीतिक घटनाक्रमों पर भी हैं। CJP ने 10 अक्टूबर 2026 को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर एक और विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया है, जिसे देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर हैं।

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