वकीलों से विवाद के बाद हुए तबादलों के खिलाफ दिल्ली पुलिस कर्मियों का प्रदर्शन
वकीलों के साथ विवाद के बाद हुए तबादलों के खिलाफ दिल्ली पुलिस कर्मियों ने मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन किया और कमिश्नर से मिले।

दिल्ली पुलिस के जवानों में सोमवार को भारी आक्रोश देखा गया। करीब 80 से 100 पुलिसकर्मी दिल्ली पुलिस मुख्यालय के गेट नंबर 1 के बाहर जमा हो गए और तीन घंटे से ज्यादा समय तक प्रदर्शन किया। इन कर्मियों की मुख्य मांग उन अधिकारियों की बहाली थी, जिनका तबादला वकीलों के साथ हुए एक विवाद के बाद कर दिया गया था। प्रदर्शनकारी हाथों में तख्तियां लिए हुए थे और पुलिस कमिश्नर से मुलाकात की मांग कर रहे थे।
इस पूरे विवाद की जड़ 23 अक्टूबर को शाहदरा इलाके में हुई एक घटना है। बताया जा रहा है कि वहां पुलिस और वकीलों के बीच तीखी झड़प हुई थी, जिसमें वकील ललित बंसल के सिर में गंभीर चोट आई थी। इस मामले में शाहदरा थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी। आरोप है कि एसीपी मानसवी वशिष्ठ और एसएचओ अरुण कुमार ने वकीलों को आश्वासन दिया था कि आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा, लेकिन बाद में वकीलों ने दावा किया कि किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई और आरोपियों को छोड़ दिया गया। इसी बात को लेकर जब वकील दोबारा थाने पहुंचे, तो माहौल और बिगड़ गया।
तबादलों और आरोपों के बीच बढ़ा तनाव
वकीलों का आरोप है कि एसीपी ने उन्हें रिवॉल्वर दिखाकर धमकाया, जबकि पुलिस का कहना है कि वकीलों ने बदसलूकी की, सरकारी काम में बाधा डाली और एसएचओ को खींचने की कोशिश की। इस घटना के बाद एसीपी वशिष्ठ की शिकायत पर 15 से 20 वकीलों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। इसके जवाब में दिल्ली की जिला अदालत बार एसोसिएशन की समन्वय समिति ने एसीपी और एसएचओ के निलंबन की मांग करते हुए काम बंद कर दिया था।
दबाव बढ़ता देख विभाग ने 28 अक्टूबर को एसीपी मानसवी वशिष्ठ का तबादला गांधी नगर (शाहदरा) से स्पेशल पुलिस यूनिट फॉर विमेन एंड चिल्ड्रन (SPUWAC) में कर दिया, जबकि एसएचओ अरुण कुमार को दिल्ली पुलिस सिक्योरिटी विंग भेज दिया गया। हालांकि, बार काउंसिल और पुलिस अधिकारियों के बीच बैठक के बाद वकीलों ने अपनी हड़ताल खत्म कर दी थी, लेकिन पुलिसकर्मियों में इन तबादलों को लेकर नाराजगी बनी रही।
सोमवार को हुए प्रदर्शन के दौरान वरिष्ठ अधिकारियों ने जवानों को अनुशासन बनाए रखने की सलाह दी। बाद में प्रदर्शन कर रहे कर्मियों के एक प्रतिनिधिमंडल को अंदर बुलाकर पुलिस कमिश्नर से मिलने की अनुमति दी गई। एसीपी मानसवी वशिष्ठ ने पुष्टि की कि उन्होंने कमिश्नर से मुलाकात कर अपनी मांगें रखी हैं, जिन पर फिलहाल चर्चा चल रही है।