दिल्ली पुलिस: 2026 के प्रदर्शनों में घायल 250 जवानों के मुआवजे पर सुप्रीम कोर्ट की समीक्षा
2026 के विरोध प्रदर्शनों में घायल 250 दिल्ली पुलिस कर्मियों के मुआवजे की समीक्षा कर रही है सुप्रीम कोर्ट की हाई-पावर्ड कमेटी।

साल 2026 में हुए हिंसक प्रदर्शनों के दौरान घायल हुए 250 से अधिक दिल्ली पुलिस कर्मियों के मुआवजे का मामला अब सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में है। जुलाई के आखिरी हफ्ते में कानून व्यवस्था संभालने के दौरान घायल हुए इन जवानों की आर्थिक और चिकित्सा सहायता को लेकर गठित हाई-पावर्ड इंक्वायरी कमेटी (HPEC) अब इस पूरे मामले की बारीकी से समीक्षा कर रही है।
दरअसल, 20 से 25 जुलाई 2026 के बीच हुए उन प्रदर्शनों में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी चोटिल हुए थे। इसके बाद जुलाई के अंत और अगस्त की शुरुआत में घायल अधिकारियों के परिजनों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपनी पीड़ा साझा की थी। उनका आरोप था कि घायल जवानों की चिकित्सा जरूरतों और वित्तीय सहायता की ओर प्रशासन और जनता, दोनों ने ही नजरअंदाजी की है।
रिटायर्ड जस्टिस आर. सुभाष रेड्डी की कमेटी कर रही जांच
सुप्रीम कोर्ट ने इस गंभीर स्थिति को देखते हुए रिटायर्ड जस्टिस आर. सुभाष रेड्डी के नेतृत्व में एक उच्चाधिकार प्राप्त जांच समिति (HPEC) का गठन किया है। इस कमेटी को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वह प्रदर्शनों के दौरान घायल हुए लोगों, जिनमें पुलिसकर्मी और प्रदर्शनकारी दोनों शामिल हैं, के लिए अंतरिम मुआवजे की संभावनाओं का आकलन करे।
हालांकि, फिलहाल पुलिस बल के लिए किसी विशेष वित्तीय पैकेज की घोषणा नहीं की गई है, लेकिन कमेटी समय-समय पर इस मुद्दे की समीक्षा कर रही है। उम्मीद जताई जा रही है कि HPEC जल्द ही अपनी अंतरिम रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट को सौंपेगी, जिसके बाद अदालत मुआवजे और सहायता राशि पर अंतिम न्यायिक निर्णय लेगी।