जंतर मंतर पर विरोध प्रदर्शन से पहले दिल्ली पुलिस का एक्शन, 500 लोगों पर पैनी नजर

Kittu Kumari8 October 20262 min read0 viewsDelhi Local
जंतर मंतर पर विरोध प्रदर्शन से पहले दिल्ली पुलिस का एक्शन, 500 लोगों पर पैनी नजर

दिल्ली पुलिस ने 10 अक्टूबर को जंतर मंतर पर होने वाले एक नियोजित विरोध प्रदर्शन से पहले सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। इस बार पुलिस केवल सड़कों पर ही नहीं, बल्कि डिजिटल दुनिया में भी सक्रिय है। पुलिस ने एक खास 'परसेप्शन मैनेजमेंट' कैंपेन शुरू किया है, जिसके तहत 500 संदिग्ध व्यक्तियों और 200 सोशल मीडिया चैनलों की करीब से निगरानी की जा रही है। यह पूरा मामला कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और कुछ युवा व वामपंथी संगठनों द्वारा आयोजित प्रदर्शन से जुड़ा है, जो मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) ड्राइव को रोकने की मांग कर रहे हैं।

बता दें कि पुलिस ने इस प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी है। जुलाई में हुए एक प्रदर्शन के बाद जो नैरेटिव सोशल मीडिया पर बने थे, उन्हें काउंटर करने के लिए पुलिस अब 'साइबर वॉरफेयर' रणनीति अपना रही है। पुलिस उन वीडियो और फुटेज को प्रसारित कर रही है जिनमें सुरक्षाकर्मियों को घायल होते हुए और झड़पों के सबूत दिख रहे हैं, ताकि पुलिस पर लगे गलत आरोपों का जवाब दिया जा सके। इसके अलावा, आईटी एक्ट 2000 का हवाला देते हुए पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से 11 भ्रामक और उकसाने वाली पोस्ट हटाने की मांग की है।

तकनीक और इंटेलिजेंस का इस्तेमाल

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सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए दिल्ली पुलिस ने आधुनिक तकनीक का सहारा लिया है। फेशियल रिकग्निशन सिस्टम (FRS) के जरिए करीब 2,800 ऐसे लोगों की पहचान की गई है जिनका आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। पुलिस उन बस ऑपरेटरों और सप्लायर्स पर भी नजर रख रही है जिन्होंने पिछले प्रदर्शनों में लॉजिस्टिक्स की मदद की थी।

इस पूरी कार्रवाई के तहत पुलिस ने कुछ कड़े कदम उठाए हैं:

  • मेवात क्षेत्र से नदीम अहमद अमीन को गिरफ्तार किया गया है, जिस पर पुलिसकर्मियों का फर्जी AI-जनरेटेड वीडियो फैलाने का आरोप है।
  • शहर के एंट्री पॉइंट्स की सुरक्षा समीक्षा की गई है और 200 कंपनियों के केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPFs) की तैनाती की मांग की गई है।
  • पीजी मालिकों, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) और मार्केट एसोसिएशनों से संपर्क कर लोगों को प्रदर्शन में शामिल न होने की अपील की गई है।

प्रशासन ने नई दिल्ली जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू कर दी है। साथ ही, चेतावनी दी गई है कि संभावित प्रदर्शनकारियों को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 126 और 170 के तहत पहले ही हिरासत में लिया जा सकता है। पूर्व डीजीपी विक्रम सिंह और पूर्व आईबी स्पेशल डायरेक्टर यशोवर्धन आजाद जैसे विशेषज्ञों ने भी इस स्थिति में प्री-एम्प्टिव इंटेलिजेंस और भीड़ प्रबंधन की रणनीति को महत्वपूर्ण बताया है।

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