दिल्ली के आस्था कुंज पार्क में 21 सितंबर 2026 को 17 वर्षीय लड़की के साथ हुए गैंगरेप के बाद दिल्ली पुलिस ने शहर के करीब 1,500 सार्वजनिक पार्कों का व्यापक सुरक्षा ऑडिट किया। इस जांच में गंभीर सुरक्षा कमियों का पता चला, जिसमें व्यापक स्तर पर रोशनी की कमी और काम न करने वाले सीसीटीवी कैमरे शामिल हैं। रोहिणी के स्वर्ण जयंती पार्क और आस्था कुंज पार्क जैसे प्रमुख हरे भरे स्थानों पर भी यह समस्या पाई गई। दक्षिण-पूर्व जिले में कुल 1,525 स्ट्रीटलाइट्स में से 33 प्रतिशत खराब पाई गईं। इस मामले की विस्तृत जानकारी ANI News पर उपलब्ध है।
दिल्ली के उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू ने दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) और नगर निगम (एमसीडी) को 23 सितंबर से एक सप्ताह के भीतर सभी सार्वजनिक पार्कों का व्यापक सुरक्षा ऑडिट पूरा करने का आदेश दिया है।
प्रवेश द्वारों पर सीसीटीवी कैमरे लगाना, सूर्यास्त के बाद प्रवेश पर रोक और महिलाओं की सुरक्षा के लिए 'पिंक पुलिस' की तैनाती शामिल है। नागरिक एजेंसियों को स्थानीय रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के साथ समन्वय करने का निर्देश दिया गया है। इन दिशा-निर्देशों की पूरी जानकारी
ANI News पर दी गई है।
गंगरेप मामले के तीन आरोपियों आसिफ, हेमंत और मुकेश को 24 सितंबर को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस आरोपियों के मोबाइल फोन की फोरेंसिक जांच कर रही है और डिलीट की गई सर्च हिस्ट्री की भी जांच जारी है। जनता की चिंताओं को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने संवेदनशील इलाकों में गश्त तेज कर दी है। पुलिस ने घोड़ों पर सवार दलों और महिला दस्तों को तैनात किया है। इस अभियान के तहत 379 लोगों को पकड़ा गया है और लोक निर्माण विभाग द्वारा तुरंत सुधार के लिए 'डार्क स्पॉट' की पहचान की गई है। इस कार्रवाई का विवरण
ANI News रिपोर्ट में है।