विरोध प्रदर्शनों की आशंका: दिल्ली पुलिस ने 27,000 अर्धसैनिक बलों की तैनाती बढ़ाने की मांगी अनुमति

राजधानी में कानून-व्यवस्था को बनाए रखने और संभावित बड़े विरोध प्रदर्शनों से निपटने के लिए दिल्ली पुलिस अर्धसैनिक बल की तैनाती को आगे बढ़ाने की तैयारी कर रही है। दिल्ली पुलिस ने केंद्रीय गृह मंत्रालय से औपचारिक अनुरोध किया है कि केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) की 273 कंपनियों, जिनमें लगभग 27,000 जवान शामिल हैं, की तैनाती को 20 अक्टूबर 2026 तक बढ़ाया जाए। गौरतलब है कि 301 CAPF कंपनियों की शुरुआती अनुमति 12 अक्टूबर 2026 को समाप्त होने वाली थी।
CJP के प्रदर्शन और सुरक्षा इंतजाम
सुरक्षा बढ़ाने का यह फैसला खुफिया रिपोर्टों के आधार पर लिया गया है, जिनमें कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा किए जाने वाले प्रदर्शनों के तेज होने की आशंका जताई गई है। CJP मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रही है। हाल ही में 10 अक्टूबर को जंतर मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति न मिलने के बाद पार्टी ने प्रशासन को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया था। इस स्थिति को देखते हुए पुलिस ने पहले ही अभिजीत दिपके, आशुतोष रंका और सौरव दास जैसे CJP नेताओं को एहतियाती हिरासत में ले लिया है।
पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार के नेतृत्व में दिल्ली पुलिस ने स्टैंडिंग ऑर्डर नंबर L&O/48/2026 के तहत जंतर मंतर को निर्धारित विरोध प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटा दिया है। अब प्रदर्शनकारियों को रामलीला मैदान, बुराड़ी और CBD ग्राउंड जैसे वैकल्पिक स्थानों पर जाने का निर्देश दिया गया है। हालांकि, दिल्ली हाई कोर्ट ने 20 सितंबर को एक याचिका पर सुनवाई करते हुए प्रदर्शनों पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने के आधार पर सवाल उठाए थे और पुलिस को सुझाव दिया था कि पूर्ण प्रतिबंध के बजाय उचित शर्तें लागू की जाएं।
शहर में सुरक्षा व्यवस्था को और पुख्ता किया गया है। सीमाओं पर वाहनों की सघन जांच की जा रही है और होटलों व गेस्ट हाउसों में ठहरने वालों के लिए वेरिफिकेशन प्रोटोकॉल को बेहद सख्त कर दिया गया है ताकि सार्वजनिक व्यवस्था प्रभावित न हो।