दिल्ली पुलिस ने साल 2026 के पहले पांच महीनों में संगठित अपराध के मामलों में 16 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है। यह आंकड़े साल 2025 की समान अवधि की तुलना में सामने आए हैं।
भारतीय न्याय संहिता यानी बीएनएस की धारा 111 और 112 के तहत दर्ज कुल मामले 634 से बढ़कर 736 हो गए हैं।
इन मामलों से जुड़ी गिरफ्तारियों में 60 प्रतिशत का बड़ा उछाल आया है, जो 769 से बढ़कर 1,232 हो गई हैं। धारा 111 के तहत गंभीर मामलों में वृद्धि दर्ज की गई है, जबकि धारा 112 छोटे संगठित अपराधों को लक्षित करती है।
वित्तीय लाभ के लिए गंभीर अपराधों को कवर करने वाली धारा 111 के तहत मामले 122 से बढ़कर 166 हो गए हैं और गिरफ्तारियां 76 से बढ़कर 333 हो गई हैं। छोटे संगठित अपराध के लिए धारा 112 के तहत मामले 512 से बढ़कर 570 हुए हैं और गिरफ्तारियां 693 से बढ़कर 899 हो गई हैं।
मई 2026 तक पुलिस ने 154 मामलों को हल किया, जबकि पिछले साल इसी अवधि में 45 मामले हल हुए थे।
भारतीय न्याय संहिता ने 1 जुलाई 2024 को भारतीय दंड संहिता की जगह ली थी। धारा 111 में अपहरण, जबरन वसूली, जमीन हड़पना और साइबर अपराध शामिल हैं। धारा 112 को 'मिनी-मकोका' कहा जाता है जो स्नैचिंग और जुआ जैसे अपराधों से निपटती है।
स्थानीय लोगों द्वारा आपराधिक गतिविधियों की रिपोर्ट करने में संकोच जैसी चुनौतियां अभी भी बनी हुई हैं।