दिल्ली पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने सुदर्शन शक्ति-V एंटी-टेरर एक्सरसाइज सफलतापूर्वक की पूरी

दिल्ली पुलिस ने नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (NSG) और अन्य सुरक्षा व इमरजेंसी एजेंसियों के साथ मिलकर 'सुदर्शन शक्ति-V' नाम से एक बड़े पैमाने पर संयुक्त काउंटर-टेररिज्म एक्सरसाइज को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। इस आर्टिकल में जानिए इस एक्सरसाइज से जुड़ी सभी मुख्य बातें:
एक्सरसाइज में शामिल हुईं विभिन्न सुरक्षा और इमरजेंसी एजेंसियां
इस व्यापक एक्सरसाइज में कई विशेष यूनिट्स और एजेंसियों ने हिस्सा लिया। इनमें दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल (SWAT), नई दिल्ली, सेंट्रल, नॉर्थ, ईस्ट, साउथ, साउथ वेस्ट और साउथ ईस्ट जिलों की पुलिस, रेंज बॉम्ब डिस्पोजल स्क्वॉड, ट्रैफिक पुलिस, क्राइम ब्रांच, IGI एयरपोर्ट यूनिट, मेट्रो यूनिट और PCR शामिल थीं। इसके अलावा भारतीय सेना, नेशनल डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (NDRF), CISF एयरपोर्ट सिक्योरिटी, ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी (BCAS), एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI), CISF मेट्रो सिक्योरिटी, दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC), फायर डिपार्टमेंट, डिस्ट्रिक्ट डिजास्टर मैनेजमेंट, फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL), CATS एम्बुलेंस और हेल्थ सर्विसेज भी शामिल रहीं, जो राजधानी में कड़ी सुरक्षा उपायों को दर्शाती हैं।
संवेदनशील स्थानों पर किए गए मॉक ड्रिल और आतंकवादियों को किया गया न्यूट्रलाइज
'सुदर्शन शक्ति-V' का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय राजधानी में एक साथ आने वाले कई आतंकवादी परिदृश्यों पर प्रतिक्रिया देने में इन विभिन्न एजेंसियों के तालमेल और आतंकवाद-रोधी क्षमताओं का आकलन करना और उन्हें मजबूत करना था। दिल्ली भर के प्रमुख और संवेदनशील स्थानों पर नकली आतंकवादी परिदृश्य (Simulated terror scenarios) चलाए गए, जिसमें दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के कालकाजी मंदिर और नेहरू प्लेस जैसे क्षेत्रों में विशेष रूप से मॉक ड्रिल किए गए। इन ड्रिल्स के दौरान NSG और SWAT टीमों ने नकली आतंकवादियों को सफलतापूर्वक "न्यूट्रलाइज" कर दिया। दिल्ली पुलिस ने इस बात पर जोर दिया कि इस तरह के संयुक्त अभ्यास ऑपरेशनल कमियों की पहचान करने, आपसी तालमेल को सुधारने और यह सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण हैं कि सुरक्षाकर्मी किसी भी खतरे पर तुरंत और प्रभावी ढंग से प्रतिक्रिया दे सकें।