दिल्ली प्रदर्शन: महिला प्रदर्शनकारियों के साथ दुर्व्यवहार के आरोपों से मचा बवाल
दिल्ली में प्रदर्शनकारियों, विशेषकर महिलाओं के साथ पुलिस द्वारा कथित दुर्व्यवहार और मारपीट के आरोपों ने राजनीतिक और सामाजिक तनाव बढ़ा दिया है।

देश की राजधानी दिल्ली में विरोध प्रदर्शनों के दौरान पुलिस की कार्रवाई अब एक बड़े विवाद में बदल गई है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो और प्रदर्शनकारियों द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेष रूप से महिला प्रदर्शनकारियों ने पुलिस हिरासत के दौरान शारीरिक शोषण और अभद्रता के दावे किए हैं, जिससे जनता और राजनीतिक गलियारों में भारी आक्रोश है।
मामले की गंभीरता तब बढ़ गई जब जुलाई 2026 में समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने जंतर मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ मारपीट और इलेक्ट्रिक शॉक देने के आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि महिला छात्रों के कपड़े तक फाड़ दिए गए। राहुल गांधी ने भी इन आरोपों का समर्थन करते हुए पुलिस की इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताया। इसके बाद अक्टूबर में ऑल इंडिया स्टूडेंट एसोसिएशन (AISA) ने आर.के. आश्रम मार्ग मेट्रो स्टेशन पर पुलिस द्वारा अत्यधिक बल प्रयोग का आरोप लगाया, जहां मुस्लिम महिला प्रदर्शनकारियों ने दावा किया कि उनके हिजाब जबरन हटाए गए और उन्हें घसीटा गया।
आरोप-प्रत्यारोप और कानूनी कार्रवाई
हालिया प्रदर्शनों में, जहां मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की जा रही थी, एक महिला प्रदर्शनकारी ने 10 अक्टूबर को पुलिस अधिकारियों द्वारा उसके साथ बदसलूकी, लात मारने और बुनियादी सुविधाओं (शौचालय) से वंचित रखने का आरोप लगाया। दूसरी ओर, दिल्ली पुलिस ने इन सभी दावों को पूरी तरह निराधार और भ्रामक बताया है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि महिला प्रदर्शनकारियों के साथ हमेशा गरिमा और सम्मान के साथ व्यवहार किया जाता है और उन्हें केवल महिला स्टाफ ही संभालती है।
विवाद यहीं नहीं रुका; डीसीपी सृष्टि पांडे ने पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों ने खुद महिला पुलिस अधिकारियों के साथ गाली-गलौज की और उनकी वर्दी फाड़ने तथा बैज छीनने की कोशिश की। इस तनावपूर्ण माहौल के बीच, सीआरपीएफ असिस्टेंट कमांडेंट राहुल सोलंकी ने नेशनल कमीशन फॉर विमेन (NCW) और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) में शिकायत दर्ज कराई है, ताकि वायरल वीडियो की फॉरेंसिक जांच हो सके और सच्चाई सामने आए।
महिला संगठनों ने दिल्ली पुलिस मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन कर दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। इस बीच, दिल्ली पुलिस ने बताया कि इन झड़पों और कथित दुर्व्यवहार से जुड़े मामलों में अब तक कम से कम 10 एफआईआर दर्ज की गई हैं और 5 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।