लॉरेंस बिश्नोई को कहा 'साहब', दिल्ली पुलिस के रवैये पर एक्टिविस्ट ने उठाए गंभीर सवाल

दिल्ली पुलिस इन दिनों एक अजीबोगरीब विवाद में फंस गई है। मामला एक गैंगस्टर को दिए गए 'सम्मान' का है, जिसे लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है। दरअसल, बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई फायरिंग की घटना के बाद पुलिस की एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का वीडियो सामने आया है, जिसमें ईस्ट दिल्ली के डीसीपी अभिषेक धनिया ने गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का जिक्र करते हुए उसे "लॉरेंस बिश्नोई साहब" कहकर संबोधित किया।
इस एक शब्द ने विवाद खड़ा कर दिया है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के एक्टिविस्ट अभिजीत दीपके ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर वीडियो साझा करते हुए पुलिस की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाए। दीपके ने तंज कसते हुए लिखा कि दिल्ली पुलिस गैंगस्टरों के लिए तो बहुत सम्मान रखती है, लेकिन काश वे इस शिष्टाचार का 10 प्रतिशत हिस्सा भी उन छात्रों और कार्यकर्ताओं के लिए दिखाते जो शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करते हैं।
छात्रों पर सख्ती और अपराधियों को 'साहब', दीपके का आरोप
अभिजीत दीपके ने पुलिस प्रशासन पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार और पुलिस की प्राथमिकताएं पूरी तरह गलत दिशा में हैं। उन्होंने मांग की कि पुलिस को छात्रों और एक्टिविस्टों पर कार्रवाई करने के बजाय असली अपराधियों को पकड़ने पर ध्यान देना चाहिए।
यह पूरा विवाद उस समय शुरू हुआ जब टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग की घटना हुई। पुलिस के मुताबिक, जब अभिनेता एक मैदान से अपनी गाड़ी में निकल रहे थे, तब भीड़ के बीच से तीन-चार राउंड फायरिंग की गई। गनीमत रही कि टाइगर श्रॉफ को कोई गोली नहीं लगी, लेकिन उनके ड्राइवर फिरदौस के बाएं हाथ में गोली लगी और एक अन्य व्यक्ति भी घायल हो गया।
इस मामले में मुंबई पुलिस ने 15 टीमें गठित की हैं और तीन अज्ञात लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। वहीं, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस घटना को कायरतापूर्ण बताते हुए आश्वासन दिया है कि पेशेवर मुंबई पुलिस जल्द ही दोषियों को गिरफ्तार कर लेगी। लेकिन दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी द्वारा गैंगस्टर को 'साहब' कहना अब एक बड़ा राजनीतिक और सामाजिक मुद्दा बन गया है।