जंतर मंतर सड़क है, प्रदर्शन स्थल नहीं: सुप्रीम कोर्ट में दिल्ली पुलिस की दलील

दिल्ली पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा देकर कहा कि जंतर मंतर एक सार्वजनिक सड़क है, प्रदर्शन के लिए कोई तय स्थल नहीं।

Kittu Kumari4 November 20262 min read0 viewsDelhi Local
जंतर मंतर सड़क है, प्रदर्शन स्थल नहीं: सुप्रीम कोर्ट में दिल्ली पुलिस की दलील

दिल्ली पुलिस ने जंतर मंतर पर होने वाले विरोध प्रदर्शनों को लेकर एक बड़ा दावा किया है। पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल एक हलफनामे में स्पष्ट कहा है कि जंतर मंतर विरोध प्रदर्शन के लिए कोई निर्धारित स्थल नहीं, बल्कि एक सार्वजनिक सड़क है। यह मामला वकील स्वाति सिंह द्वारा दायर एक याचिका से जुड़ा है, जिसमें इस क्षेत्र को 'डी-नोटिफाई' (प्रदर्शन स्थल से हटाना) करने के फैसले को चुनौती दी गई थी।

पुलिस कमिश्नर ने अदालत को बताया कि किसी भी व्यक्ति को किसी विशेष स्थान पर विरोध प्रदर्शन करने का पूर्ण अधिकार नहीं है। राज्य के पास यह शक्ति है कि वह विरोध स्थलों को नियंत्रित करे, ताकि प्रदर्शन करने वालों के अधिकार और आम नागरिकों के स्वतंत्र आवागमन के बीच संतुलन बना रहे। पुलिस के मुताबिक, इस क्षेत्र को डी-नोटिफाई करने का निर्णय गृह मंत्रालय द्वारा गठित एक समिति की सिफारिशों के बाद लिया गया है।

भीड़ और सुरक्षा का हवाला: साल में होते हैं 1300 प्रदर्शन

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हलफनामे में दिए गए आंकड़ों के जरिए पुलिस ने अपनी बात रखी है। पुलिस का कहना है कि जंतर मंतर की क्षमता लगभग 1,500 लोगों की है, लेकिन यहां साल भर में करीब 1,300 प्रदर्शन होते हैं। 20 जुलाई 2026 को हुए प्रदर्शनों का उदाहरण देते हुए बताया गया कि जब भीड़ क्षमता से ज्यादा हो जाती है, तो भगदड़ और झड़पों का खतरा बढ़ जाता है।

सुरक्षा कारणों का जिक्र करते हुए पुलिस ने बताया कि इस इलाके में 78 विदेशी दूतावास, 99 केंद्र सरकार के कार्यालय और 7,000 से अधिक निजी रिहायशी इकाइयां हैं। यहां रोजाना करीब 1.46 लाख लोग आते-जाते हैं। पुलिस ने अगस्त 2026 के शुरुआती आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि महज 17 दिनों के भीतर 250 डिस्ट्रेस कॉल आईं, चोरी के 109 मामले दर्ज हुए और दंगे व सार्वजनिक उपद्रव की कई FIR दर्ज की गईं।

कमिश्नर ने एक दिलचस्प तर्क यह भी दिया कि आज के डिजिटल युग और सोशल मीडिया के दौर में, सरकार के करीब रहकर प्रदर्शन करने की जरूरत अब पहले जैसी नहीं रही।

आम जनता की सुविधा और सुरक्षा को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने विरोध प्रदर्शनों के लिए तीन वैकल्पिक जगहों का सुझाव दिया है:

  • सेंट्रल दिल्ली का रामलीला मैदान
  • पूर्वी दिल्ली का CBD ग्राउंड
  • उत्तर-पश्चिम दिल्ली का बुराड़ी ग्राउंड
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