जंतर मंतर पर प्रदर्शन के लिए अब 10 दिन पहले देनी होगी सूचना, दिल्ली पुलिस ने कड़े किए नियम

राजधानी दिल्ली में विरोध प्रदर्शनों को लेकर दिल्ली पुलिस ने एक बार फिर सख्त रुख अपनाया है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अगर कोई भी समूह जंतर मंतर पर प्रदर्शन करना चाहता है, तो उसे कम से कम 10 दिन पहले औपचारिक अनुमति लेनी होगी। इसके लिए आयोजकों को न्यू दिल्ली जिले के पुलिस उपायुक्त (DCP) के पास आवेदन जमा करना होगा।
पुलिस की यह सख्ती उस समय सामने आई जब INDIA गठबंधन के नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग को लेकर मार्च निकाला। इस दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और सांसद राहुल गांधी सहित कई बड़े नेताओं को जंतर मंतर पहुंचने से पहले ही पुलिस ने रोक लिया। हालांकि, मल्लिकार्जुन खड़गे ने साफ कहा है कि चाहे केस दर्ज हों या पाबंदियां, विपक्षी दल अपनी लड़ाई जारी रखेंगे।
प्रदर्शन के लिए तय की गई समय सीमा और शर्तें
दिल्ली पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट के पुराने फैसलों और 2022 के आदेशों का हवाला देते हुए प्रदर्शन के लिए कुछ कड़े नियम तय किए हैं, जिनका पालन करना अनिवार्य होगा:
- भीड़ की सीमा: जंतर मंतर पर केवल 1,000 लोगों तक के समूह को अनुमति मिलेगी। 1,000 से 50,000 लोगों की भीड़ के लिए रामलीला मैदान और 50,000 से अधिक की भीड़ के लिए बुराड़ी को निर्धारित किया गया है।
- समय का बंधन: प्रदर्शन की गतिविधियां केवल सुबह 10:00 बजे से शाम 5:00 बजे के बीच ही की जा सकेंगी।
- प्रतिबंध: जंतर मंतर पर टेंट या किसी भी तरह के अस्थायी ढांचे बनाने की अनुमति नहीं होगी। साथ ही हथियार ले जाना पूरी तरह प्रतिबंधित है।
- लाउडस्पीकर: लाउडस्पीकर का उपयोग केवल तय समय सीमा के भीतर और विशेष अनुमति के बाद ही किया जा सकेगा।
इसके अलावा, पुलिस ने सेंट्रल विस्टा क्षेत्र में प्रदर्शनों पर पूरी तरह रोक लगा रखी है। इंडिया गेट, सी-हेक्सागन, मन सिंह रोड, जनपथ, राजपथ और आसपास के लॉन में किसी भी तरह के प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी जाएगी।
इन नियमों के बीच, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के सह-संयोजक सौरभ दास ने 10 अक्टूबर 2026 को जंतर मंतर पर प्रदर्शन करने के लिए दिल्ली पुलिस को औपचारिक नोटिस भेज दिया है।