सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद एक्शन में दिल्ली पुलिस, अब पार्कों में होगी कड़ी निगरानी

राजधानी दिल्ली के पार्कों और सार्वजनिक स्थानों पर अब आपकी सुरक्षा और कड़ी होगी। सुप्रीम कोर्ट की सख्त हिदायतों के बाद दिल्ली पुलिस पार्क गश्त और निगरानी अभियान को तेज कर चुकी है। 8 अक्टूबर 2026 को दक्षिण दिल्ली डीसीपी के अधिकार क्षेत्र सहित पूरे शहर में पुलिस की टीमों ने पार्कों की गहन चेकिंग और फुट पेट्रोलिंग शुरू की है। इस पूरी कवायद का मकसद संवेदनशील इलाकों में पुलिस की मौजूदगी बढ़ाना और आम जनता को सुरक्षित महसूस कराना है।
दरअसल, सितंबर और अक्टूबर 2026 की शुरुआत में सुप्रीम कोर्ट ने सार्वजनिक स्थानों, पार्कों और शिक्षण संस्थानों में सीसीटीवी निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के आदेश दिए थे। जस्टिस जे बी पारदीवाला और जस्टिस के विनोद चंद्रन ने स्पष्ट किया है कि दिल्ली पुलिस को 6 अक्टूबर 2026 के बाद चार सप्ताह के भीतर सुरक्षा बुनियादी ढांचे पर एक विस्तृत रिपोर्ट देनी होगी। कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया है कि जिला स्तर पर कम से कम डिप्टी सुपरिटेंडेंट रैंक के अधिकारियों के नेतृत्व में टीमें बनाई जाएं, जो सुरक्षा की कमियों की पहचान कर सकें।
सुरक्षा के लिए रात-दिन तैनात रहेंगे विशेष दस्ते
पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार ने 25 सितंबर 2026 को एक बड़ा निर्देश जारी किया था, जिसके तहत डीसीपी या एडिशनल डीसीपी स्तर के अधिकारियों को रात 10 बजे से सुबह 2 बजे के बीच गश्त का नेतृत्व करना होगा। इसके साथ ही उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू की पहल पर अब हफ्ते में चार दिन, जिसमें वीकेंड भी शामिल हैं, शाम 5 बजे से रात 8 बजे तक संयुक्त फुट पेट्रोलिंग की जाएगी।
सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए पुलिस और प्रशासन ने कई अन्य कदम उठाए हैं:
- पिंक स्कूटर दस्ते: महिलाओं की सुरक्षा के लिए 'झांसी' ऑल-विमेन पेट्रोलिंग स्क्वॉड को तैनात किया गया है।
- रोको-टोक रणनीति: सुनसान इलाकों में संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ के लिए 'रोको-टोक' अभियान चलाया जा रहा है।
- घुड़सवार पुलिस: कमला नेहरू रिज जैसे इलाकों में विजिबिलिटी बढ़ाने के लिए घुड़सवार पुलिस की तैनाती की गई है।
- एमसीडी का ऑडिट: दिल्ली नगर निगम (MCD) वर्तमान में 1,100 से अधिक पार्कों का ऑडिट कर रहा है ताकि खराब स्ट्रीटलाइट्स जैसी समस्याओं को ठीक किया जा सके।