दिल्ली में महिलाओं की सुरक्षा को बेहतर बनाने के लिए पुलिस ने कड़े कदम उठाए हैं। 24 सितंबर 2026 को अपर डीसीपी दक्षिण ऐश्वर्या सिंह ने हौज खास के एसएचओ और अन्य पुलिसकर्मियों के साथ शाहपुर जाट मार्केट और कई पार्कों में विशेष गश्त की। यह कार्रवाई दक्षिण दिल्ली के आस्थ कुंज पार्क में 17 वर्षीय लड़की के साथ कथित सामूहिक बलात्कार के मामले में तीन लोगों की गिरफ्तारी के बाद की गई है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य राजधानी में सार्वजनिक सुरक्षा को मजबूत करना है।
उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने 22 सितंबर 2026 को दिल्ली पुलिस को एक समर्पित 'पिंक फोर्स' बनाने का निर्देश दिया है। यह गोवा पुलिस की तर्ज पर प्रशिक्षित महिला कर्मियों की एक यूनिट होगी, जो स्कूलों, कॉलेजों और मेट्रो स्टेशनों के पास गश्त करेगी। इसके अलावा, संयुक्त सीपी (सेंट्रल) मधुर वर्मा ने बताया कि सार्वजनिक जगहों पर मनचलों को रोकने के लिए एरिया-डोमिनेशन कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं।
दिल्ली पुलिस ने 22 और 23 सितंबर 2026 के बीच बड़े पैमाने पर 'कॉम्बिंग एंड सर्च ऑपरेशन' चलाए, जिसके तहत दिल्ली पुलिस अधिनियम की धारा 65 के तहत 379 लोगों को पकड़ा गया और 33 'बैड कैरेक्टर' संदिग्धों पर नजर रखी गई। पुलिस टीमें सार्वजनिक स्थलों पर डार्क स्पॉट, टूटी हुई फेंसिंग और संवेदनशील एंट्री पॉइंट की पहचान करने के लिए सुरक्षा ऑडिट भी कर रही हैं। इसके अलावा, स्पेशल सीपी देवेश श्रीवास्तव ने 23 सितंबर को सुरक्षा प्रोटोकॉल की समीक्षा के लिए एक बैठक की अध्यक्षता की, और सभी जिलों को पॉक्सो एक्ट, साइबर अपराध और बाल सुरक्षा पर जागरूकता अभियान चलाने के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त करने का निर्देश दिया है।