दिल्ली पुलिस और दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने सड़क पर निगरानी और सख्ती बढ़ा दी है। इसके तहत शाम 5 बजे से रात 8 बजे तक विशेष 'जनरल गश्त' अभियान चलाया जा रहा है। यह पहल जून 2026 में दिल्ली पुलिस कमिश्नर सतीश गोलच्छा द्वारा उपराज्यपाल टी.एस. संधू के मार्गदर्शन में दिए गए निर्देशों के बाद शुरू की गई है। इस आदेश के तहत जिला और ट्रैफिक पुलिस को सप्ताहांत और दो अन्य कार्यदिवस पर संयुक्त पैदल गश्त करनी होती है। इसमें वरिष्ठ अधिकारियों को प्रशासनिक काम की बजाय फील्ड में निगरानी और ट्रैफिक सुधार को प्राथमिकता देने का निर्देश है ताकि सार्वजनिक सुरक्षा बेहतर हो सके।
वर्ष 2026 के दौरान कार्रवाई काफी तेज रही है। 1 जनवरी से 24 सितंबर 2026 के बीच अधिकारियों ने प्राइवेट बसों के खिलाफ 44,484 ऑन-द-स्पॉट चालान काटे, जो पिछले वर्ष की तुलना में 22 प्रतिशत अधिक हैं। इसके अलावा, 14 सितंबर से 20 सितंबर 2026 तक चलाए गए एक विशेष अभियान के दौरान सेंट्रल और नॉर्दर्न रेंज में कुल 13,178 चालान किए गए। विशेष रूप से, सेंट्रल रेंज में 5,644 चालान काटे गए और 1,048 वाहनों को क्लैंप किया गया, जबकि नॉर्दर्न रेंज में 7,534 चालान जारी किए गए। 16 सितंबर 2026 को नॉर्दर्न रेंज में गलत पार्किंग पर विशेष ध्यान दिया गया, जहां कुल 2,500 चालानों में से 2,000 से अधिक चालान इसी श्रेणी के तहत काटे गए। इसके साथ ही गलत दिशा में गाड़ी चलाने और काली फिल्म (टिंटेड ग्लास) के नियमों के उल्लंघन पर भी कार्रवाई की गई।
नियामक नीतियां लगातार बदल रही हैं। 14 सितंबर 2026 को जारी किए गए नए नियमों के तहत अदालत में अपील करने से पहले जुर्माने की राशि का 50 प्रतिशत जमा करना अनिवार्य किया गया था, जिसे 24 सितंबर 2026 को रोक दिया गया। हालांकि, अन्य सख्त उपाय अभी भी लागू हैं। मई 2026 से, साल में पांच या उससे अधिक बार ट्रैफिक नियम तोड़ने वाले चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित किए जा सकते हैं, और गंभीर उल्लंघनों के मामले में लाइसेंस दोबारा पाने के लिए दो दिन का अनिवार्य ट्रेनिंग प्रोग्राम पूरा करना होता है। ये प्रयास जुलाई 2026 के व्यापक सड़क सुरक्षा अभियान का हिस्सा हैं, जिसमें चालकों को पारंपरिक कार्रवाई के साथ 'ट्रैफिक पाठशाला' के जरिए काउंसलिंग भी दी गई थी।