दिल्ली पुलिस ने 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के बाद राष्ट्रीय राजधानी में सुरक्षा बढ़ाई

दिल्ली पुलिस ने सार्वजनिक सुरक्षा बनाए रखने और निगरानी के लिए राष्ट्रीय राजधानी में नियमित पिकेट चेकिंग सहित सुरक्षा उपायों को तेज कर दिया है। 13 सितंबर 2026 तक डीसीपी दक्षिण दिल्ली कार्यालय ने बताया कि अधिकारी किसी भी संदिग्ध गतिविधि का जवाब देने के लिए हाई अलर्ट पर हैं। इस संबंध में अधिक जानकारी DD News पर उपलब्ध है। यह सुरक्षा प्रयास नई दिल्ली में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के समापन के साथ मेल खाते हैं।
व्यापक सुरक्षा और बल की तैनाती
इस कार्यक्रम को सुरक्षित करने के लिए अधिकारियों ने पूरे शहर में 15,000 से अधिक पुलिस कर्मियों और अर्धसैनिक बलों की 200 कंपनियों को तैनात किया। सप्ताह की शुरुआत में नई दिल्ली जिले के डीसीपी सचिन शर्मा ने कहा कि व्यापक कानून और व्यवस्था की व्यवस्था स्थापित की गई है। इस बारे में विस्तार से ANI News पर रिपोर्ट किया गया है। इसमें वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा पॉइंट-वाइज जांच, सोशल मीडिया निगरानी और एंटी-ग्रेफिटी गश्त शामिल थी।
तकनीक और यातायात नियम
शिखर सम्मेलन के लिए सुरक्षा बुनियादी ढांचे में उच्च-रिज़ॉल्यूशन, फेशियल रिकग्निशन और लाइसेंस प्लेट-पढ़ने की तकनीक से लैस 500 से अधिक सीसीटीवी कैमरों का एक नेटवर्क शामिल था। तुगलक रोड पुलिस स्टेशन में एक समर्पित नियंत्रण कक्ष ने चौबीसों घंटे इन प्रणालियों की निगरानी की। दिल्ली पुलिस ने VVIP गतिविधियों को सुरक्षित रूप से प्रबंधित करने के लिए कड़े यातायात नियमों को लागू किया, सड़क के किनारे पार्किंग प्रतिबंधित की और गैर-गंतव्य वाणिज्यिक वाहनों को डायवर्ट किया।
पुलिस आयुक्त के निर्देश
ये संचालन पुलिस कमिश्नर संजय अरोड़ा के स्थायी निर्देशों का पालन करते हैं, जो यह अनिवार्य करते हैं कि प्रत्येक पिकेट पर कम से कम तीन कर्मियों का स्टाफ होना चाहिए, जिसमें एक लंबी दूरी के हथियार से लैस अधिकारी भी शामिल हो। अधिकारियों को विस्तृत वाहन जांच रजिस्टर बनाए रखने और परिचालन readiness सुनिश्चित करने के लिए वायरलेस सेट के माध्यम से संचार बनाए रखने की आवश्यकता है।