दिल्ली पुलिस ने महिलाओं की सुरक्षा के लिए 'पिंक पेट्रोलिंग' और विशेष दस्ते किए तेज

दिल्ली पुलिस के दक्षिण जिले ने महिलाओं और लड़कियों की सुरक्षा के लिए अपनी 'पिंक पेट्रोलिंग' पहल को तेज कर दिया है। इसके तहत महत्वपूर्ण जगहों पर पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है ताकि तुरंत मदद मिल सके। उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने प्रशिक्षित महिला कर्मियों की एक समर्पित 'पिंक फोर्स' बनाने का निर्देश दिया है। यह फोर्स स्कूलों, कॉलेजों, मेट्रो स्टेशनों और अन्य संवेदनशील इलाकों में गश्त करेगी। जिला डीसीपी राजीव कुमार ने पुष्टि की है कि कॉलेजों, मॉल, बाजारों और स्कूलों के पास इन कर्मियों की तैनाती बढ़ा दी गई है।
सघन तलाशी अभियान और नए दस्ते
पुलिस पार्कों, सबवे और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर 'कॉम्बिंग एंड सर्च ऑपरेशंस' (CASO) चला रही है। 22 से 23 सितंबर 2026 के बीच इन अभियानों के तहत दिल्ली पुलिस अधिनियम की धारा 65 के तहत 379 लोगों को पकड़ा गया और 33 'बदमाशों' की जांच की गई। इसके अलावा, दिल्ली पुलिस सभी जिलों में कम से कम दो 'एंटी-ईव-टीजिंग' या 'शिष्टाचार' दस्ते लॉन्च करने की तैयारी कर रही है। ये सादे कपड़ों में रहने वाले दस्ते संवेदनशील इलाकों में गश्त करेंगे और पीड़िताओं को तुरंत शिकायत करने के लिए प्रोत्साहित करेंगे।
सुरक्षा ऑडिट और जनसुनवाई ट्रैकिंग
आस्था कुंज पार्क में हुई सामूहिक बलात्कार की घटना के बाद, उपराज्यपाल ने एक सप्ताह के भीतर शहर के सभी पार्कों के व्यापक सुरक्षा ऑडिट का आदेश दिया है। इस ऑडिट में प्रकाश व्यवस्था, सुरक्षा, गश्त और सफाई की जांच की जाएगी ताकि PWD और MCD जैसी एजेंसियों द्वारा कमियों को सुधारा जा सके। इसके अलावा, सभी शिकायतों पर समय पर कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए 'जनसुनवाई' शिकायतों के वास्ते एक डिजिटल ट्रैकिंग तंत्र भी लागू किया जा रहा है। स्कूलों में पॉक्सो अधिनियम, बाल सुरक्षा, साइबर अपराध, मादक पदार्थों के सेवन और सड़क सुरक्षा पर नियमित जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे। ये सभी कदम 22 सितंबर 2026 को एल-जी संधू द्वारा दिए गए निर्देशों के बाद उठाए गए हैं।