Independence Day से पहले Delhi Police सख्त, Chinese Manjha बेचने वालों पर कड़ी कार्रवाई

Kittu Kumari9 August 20263 min read28 viewsDelhi Local
Independence Day से पहले Delhi Police सख्त, Chinese Manjha बेचने वालों पर कड़ी कार्रवाई

स्वतंत्रता दिवस (Independence Day) से पहले Delhi Police ने 'Say NO to Chinese Manjha' अभियान को तेज कर दिया है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस (Delhi Traffic Police) द्वारा 9 अगस्त 2026 को रीट्वीट किए गए एक आधिकारिक ट्वीट के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (National Capital Territory of Delhi) में सिंथेटिक पतंग की डोर पर पूरी तरह से प्रतिबंध लागू कर दिया गया है। यह नया क्रैकडाउन इंसानों, पक्षियों और सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को इन सिंथेटिक और कांच लेपित डोर से होने वाले खतरों को कम करने के लिए है। #NoChineseडोर जैसे हैशटैग के साथ और दिल्ली के उपराज्यपाल (Lieutenant Governor) का जिक्र करते हुए यह अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें कहा गया है कि "Looks Like Dor, Acts Like Danger"।

प्रतिबंध के नियम और कानूनी कार्रवाई

दिल्ली के भीतर नायलॉन, प्लास्टिक या किसी अन्य सिंथेटिक सामग्री से बनी पतंग उड़ाने वाली डोर, जिसमें 'Chinese manjha' भी शामिल है, की बिक्री, उत्पादन, भंडारण, आपूर्ति, आयात और उपयोग पर व्यापक प्रतिबंध है। इसके अलावा कांच, धातु या अन्य नुकीले घटकों से तेज की गई किसी भी डोर पर रोक है। पतंग उड़ाने के लिए केवल ऐसी सूती डोर की अनुमति है जो ऐसे खतरनाक पदार्थों, चिपकने वाले पदार्थों या डोर को मजबूत करने वाले घटकों से मुक्त हो Source। नियमों का उल्लंघन करने पर Environment (Protection) Act, 1986 की धारा 5 और धारा 15 के तहत सजा का प्रावधान है, जिससे पांच साल तक की जेल और/या 1 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। इसके अलावा कुछ मामलों में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223(b) भी लगाई जा रही है। इस प्रतिबंध को पहली बार 10 जनवरी 2017 को एनसीटी (NCT) दिल्ली के उपराज्यपाल द्वारा अधिसूचित किया गया था और 11 जुलाई 2017 को राष्ट्रीय हरित अधिकरण (National Green Tribunal - NGT) द्वारा इसे मजबूत किया गया था।

बर्ड इंजरी और पुलिस की छापेमारी

Central District DCP Rohit Rajbir Singh ने प्रतिबंधित चीनी/सिंथेटिक मांझा के व्यापार में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई पर जोर देते हुए "zero tolerance" नीति की पुष्टि की है। पक्षियों को होने वाली चोटों के बढ़ते मामलों से इसके खतरे स्पष्ट होते हैं। दिल्ली फायर सर्विस (Delhi Fire Service) के Chief Fire Officer (CFO) AK Malik ने बताया कि जुलाई 2026 में अकेले पतंग की डोर के कारण 292 पक्षियों को बचाया गया। चांदनी चौक के प्रसिद्ध Bird Hospital के Dr. Rameshwar Yadav रोजाना गंभीर रूप से घायल कई पक्षियों का इलाज करते हैं, विशेषकर कबूतर, कौवे और चील, जिनके पंख और हड्डियां चाइनीज मांझा से गंभीर रूप से कट जाते हैं। पर्यावरणविदों (Environmentalists) ने जमीनी स्तर पर सख्त प्रवर्तन और व्यापक जन जागरूकता अभियानों की आवश्यकता पर जोर दिया है।

हालिया पुलिस ऑपरेशन और गिरफ्तारियां

हालिया ऑपरेशन इस क्रैकडाउन को रेखांकित करते हैं। Delhi Police ने बड़े नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए Crime Branch और विभिन्न जिलों की विशेष टीमों को शामिल करते हुए 9 अगस्त 2026 को एक बड़ा अभियान शुरू किया। इससे पहले, 8 अगस्त को पुलिस ने सीलमपुर (Seelampur) में प्रतिबंधित चीनी मांंजे के 30 रोल जब्त किए और एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया। 7 अगस्त को एक बड़े आपूर्ति नेटवर्क का भंडाफोड़ किया गया, जिससे दिल्ली और गाजियाबाद (Ghaziabad) में चार गिरफ्तारियां हुईं और 372 रील बरामद हुईं। ये प्रयास 5 अगस्त के उस ऑपरेशन के बाद आए हैं जिसमें विभिन्न जिलों में 384 रोल जब्त किए गए और तीन व्यक्तियों को पकड़ा गया, जो पुलिस के जोरदार प्रवर्तन को प्रदर्शित करता है।

Share:

Comments

Leave a comment