स्वतंत्रता दिवस से पहले दिल्ली पुलिस ने सेकंड-हैंड कार डीलर्स की चेकिंग बढ़ाई, सुरक्षा कड़ी

दिल्ली पुलिस ने 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस से पहले राष्ट्रीय राजधानी में सेकंड-हैंड कार डीलर्स की वेरिफिकेशन चेकिंग तेज कर दी है। यह निर्देश शनिवार को पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में जारी किया गया था, जो राष्ट्रीय उत्सव से लगभग दो हफ्ते पहले उठाया गया कदम है।
पुराने वाहनों की जांच के निर्देश
यह बढ़ी हुई सख्ती पिछले साल लाल किले पर हुए ब्लास्ट में एक सेकंड-हैंड Hyundai i20 कार के कथित इस्तेमाल के बाद आई है। जांच में सामने आया था कि वाहन बिना आधिकारिक ओनरशिप ट्रांसफर के कई बार बदला गया था, जिससे उसका पता लगाना मुश्किल हो गया था। सभी एसएचओ (SHOs) को स्पेशल ड्राइव चलाने का निर्देश दिया गया है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि इस्तेमाल किए गए वाहनों के सभी दस्तावेज ठीक से वेरिफाई किए गए हैं, और स्पेशल कमिश्नर ऑफ पुलिस (स्पेशल सेल) अनिल शुक्ल ने अधिकारियों को सुरक्षा व्यवस्था पर ब्रीफ किया।
सरकार के नए नियम और निर्देश
यह सख्ती यूज्ड कार मार्केट में सुरक्षा और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए दिल्ली सरकार द्वारा लागू किए गए व्यापक नीतिगत बदलावों पर आधारित है। लाल किले के ब्लास्ट के बाद, सरकार ने 15 दिनों के भीतर सेकंड-हैंड वाहन रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC) ट्रांसफर को अनिवार्य कर दिया, जिसमें नियमों का पालन न करने पर पुलिस कार्रवाई का प्रावधान है। इसके अलावा, दिसंबर 2025 में दिल्ली सरकार ने सभी यूज्ड व्हीकल डीलर्स के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करना और वाहन ट्रांसफर व स्टॉक रजिस्टर सहित विस्तृत ट्रांजैक्शन रिकॉर्ड बनाए रखना अनिवार्य कर दिया। ट्रांसफर प्रक्रिया पूरी होने तक रजिस्टर्ड डीलर्स को "डीम्ड ओनर" माना जाता है, जिसका उद्देश्य जवाबदारी में सुधार करना और दुरुपयोग को रोकना है।