दिल्ली पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार ने जुलाई 2026 में जंतर-मंतर और कनॉट प्लेस पर हुए बड़े प्रदर्शनों के बाद विभाग के खुफिया ऑपरेशन में बड़ा बदलाव करने का आदेश दिया है। अगस्त 2026 की शुरुआत में जारी इस निर्देश में दिल्ली पुलिस की स्पेशल ब्रांच को सभी आगामी प्रदर्शनों के लिए 10-सूत्रीय जानकारी जुटाने का प्रोटोकॉल लागू करने का टास्क दिया गया है। इस नए आदेश के तहत स्पेशल ब्रांच को प्रदर्शनकारियों की प्रोफाइल, राज्यों के हिसाब से डेमोग्राफिक्स, मोबिलाइजेशन रणनीतियों, मुख्य नेताओं की पहचान और उनकी मांगों का व्यापक विश्लेषण करना होगा। इसके अलावा, यूनिट को रुकने की जगहों, मूवमेंट पैटर्न, स्थानीय संपर्कों, संगठनात्मक जुड़ाव, फंडिंग के स्रोतों और लॉजिस्टिक व्यवस्थाओं को भी ट्रैक करना होगा।
यह खुफिया फेरबदल 20 जुलाई 2026 के 'चलो संसद' मार्च जैसी हाई-प्रोफाइल घटनाओं के बाद हुआ है, जिसका नेतृत्व Cockroach Janta Party (CJP) और विभिन्न छात्र संगठनों ने शिक्षा सुधार की मांग के लिए किया था। इन घटनाओं के बाद, 18 अगस्त 2026 को हुए प्रशासनिक फेरबदल में जुलाई 20 के प्रदर्शनों की देखरेख करने वाले दो सीनियर अधिकारियों का ट्रांसफर कर दिया गया, जिनमें उत्तर जिले के तत्कालीन DCP राजा बंथिया और नई दिल्ली रेंज के तत्कालीन संयुक्त पुलिस कमिश्नर दीपक पुरोहित शामिल हैं।
यह ट्रांसफर पुलिस की ज्यादती के आरोपों पर सुप्रीम कोर्ट की स्क्रूटनी के बीच हुआ था।अगस्त के आखिर तक ऑपरेशनल तनाव बना हुआ है। 23 अगस्त 2026 को दिल्ली पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 का उल्लंघन करने पर रिजर्वेशन सुधार प्रदर्शन के दौरान जंतर-मंतर से 150 से 200 लोगों को हिरासत में लिया। साथ ही, अधिकारियों ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शनों की स्थिति को लेकर गलत जानकारी फैलाने के खिलाफ चेतावनी जारी की है।
Cockroach Janta Party (CJP) ने 5 सितंबर 2026 (टीचर्स डे) को एक नए प्रोटेस्ट मार्च का शेड्यूल तय किया है, ताकि 25 जुलाई को किए गए वादों को पूरा न करने पर केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया जा सके। यह मार्च दिल्ली पुलिस हेडक्वार्टर की तरफ बढ़ना है। इसके अलावा, उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने 24 अगस्त 2026 को निर्देश दिया कि नरेला में पुलिस की मौजूदगी बढ़ाई जाए और व्यापक नागरिक व सुरक्षा निर्देशों के तहत अकादमिक समुदाय के साथ जुड़ाव मजबूत किया जाए।