दिल्ली पुलिस ने विरोध प्रदर्शनों के बीच साझा किया साहस का संदेश

राजधानी दिल्ली में जारी तनाव और विरोध प्रदर्शनों के बीच दिल्ली पुलिस का संदेश सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है। पुलिस विभाग ने महिला अधिकारियों की एक तस्वीर साझा करते हुए लिखा, "भीड़ के साथ खड़ा होना आसान है, लेकिन अकेले खड़े होने के लिए साहस की जरूरत होती है।" यह संदेश ऐसे समय में आया है जब शहर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी है और विभिन्न समूहों द्वारा प्रदर्शन किए जा रहे हैं।
दरअसल, दिल्ली पुलिस इस समय काफी दबाव में है। हाल ही में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा 10 अक्टूबर को किए गए प्रदर्शनों के बाद स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। पुलिस ने इस प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी थी, लेकिन इसके बावजूद मार्च निकाला गया। दिल्ली पुलिस कमिश्नर ने सुप्रीम कोर्ट में एक हलफनामे के जरिए इस पाबंदी को सही ठहराया है। उन्होंने बताया कि इस समूह का इतिहास हिंसा और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का रहा है। विशेष रूप से 20 जुलाई को NEET-UG पेपर लीक मामले में हुए 'चलो संसद' मार्च का जिक्र किया गया, जिसमें 240 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए थे।
कानूनी कार्रवाई और आरोपों का सिलसिला
वर्तमान में नई दिल्ली क्षेत्र में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू है, जिसके तहत सार्वजनिक सभाओं पर रोक लगाई गई है। इस बीच, पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव की खबरें भी सामने आई हैं। एक वायरल वीडियो के आधार पर NSUI कार्यकर्ताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है, जिसमें एक महिला पुलिस अधिकारी के साथ मारपीट का आरोप है। दूसरी ओर, 14 अक्टूबर को एक प्रदर्शनकारी ने पुलिस स्टेशन के बेसमेंट में अपने साथ शारीरिक दुर्व्यवहार का दावा किया है।
मामला यहीं नहीं रुकता; सीआरपीएफ असिस्टेंट कमांडेंट राहुल सोलंकी ने तीन वायरल वीडियो के आधार पर मानवाधिकार आयोग, राष्ट्रीय महिला आयोग और दिल्ली पुलिस कमिश्नर से शिकायत की है। उनका आरोप है कि इन वीडियो में दिल्ली पुलिस और CAPF कर्मियों द्वारा प्रदर्शनकारियों के साथ दुर्व्यवहार किया गया है। हालिया प्रदर्शनों के दौरान CJP के संस्थापक अभिजीतdeepcopy, सौरभ दास और आशुतोष रंका सहित कई लोगों को हिरासत में लिया गया था।
दिल्ली पुलिस ने अब हाई कोर्ट को सूचित किया है कि वह भविष्य के प्रदर्शनों से निपटने के लिए कानूनी कदम उठाएगी, खासकर 16 अक्टूबर को कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में होने वाले CJP के प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए।