सुरक्षा होगी सख्त: दिल्ली की सड़कों और पार्कों में बढ़ेगी नाइट पेट्रोलिंग

राजधानी में आम जनता की सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए दिल्ली पुलिस ने कमर कस ली है। अब दिल्ली की सड़कों और सार्वजनिक पार्कों में रात के समय पुलिस की मौजूदगी काफी बढ़ जाएगी। असिस्टेंट कमिपरश्नर ऑफ पुलिस (ACP) शरत चंद्रा ने बताया कि शाम और रात के घंटों में पुलिस कर्मियों की तैनाती बढ़ाई जा रही है, ताकि अपराधों पर लगाम लगाई जा सके और लोगों के मन में सुरक्षा का भाव पैदा हो।
यह कदम राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह से ओवरहॉल करने की एक बड़ी योजना का हिस्सा है। खास तौर पर पार्कों की सुरक्षा पर जोर दिया जा रहा है। दरअसल, आस्था कुंज पार्क में हुई एक हिंसक घटना के बाद दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने शहर के 736 पार्कों का विस्तृत सुरक्षा ऑडिट किया था। इस ऑडिट में 190 पार्कों को 'हाई रिस्क' (अत्यधिक जोखिम), 258 को 'मीडियम रिस्क' और 288 को 'लो रिस्क' श्रेणी में रखा गया है।
पार्कों में लगेंगे CCTV कैमरे और बढ़ेगी लाइटिंग
सिर्फ पुलिस गश्त ही नहीं, बल्कि बुनियादी ढांचे में भी बड़े बदलाव किए जा रहे हैं। फिलहाल केवल 16 DDA पार्कों में ही CCTV कैमरे काम कर रहे हैं, लेकिन अब 323 और जगहों पर कैमरे लगाने की तैयारी है। इसके अलावा, 520 पार्कों में लाइटिंग की समस्या थी, जिनमें से 106 में काम पूरा हो चुका है और 231 अन्य पार्कों में सुधार कार्य जारी है। सुरक्षा के लिए 163 पार्कों के गेट सुधारे जाएंगे और 233 पार्कों की बाउंड्री वॉल की मरम्मत की जा चुकी है।
सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए निम्नलिखित कदम उठाए जा रहे हैं:
- 245 प्रमुख पार्कों में पुलिस पेट्रोलिंग की व्यवस्था की गई है।
- MCD द्वारा 1,000 प्रमुख पार्कों में दो शिफ्टों में करीब 2,000 सुरक्षा गार्ड तैनात किए जाएंगे।
- DDA ने 134 ऐसे पार्कों की पहचान की है जहाँ गनमैन की तैनाती जरूरी है।
पूरी व्यवस्था की निगरानी के लिए प्रशासन एक सेंट्रल मॉनिटरिंग डैशबोर्ड बना रहा है। साथ ही, पेट्रोलिंग टीमों के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) तैयार किए जा रहे हैं। सीनियर ऑफिसर हर हफ्ते निरीक्षण करेंगे और स्थानीय रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) के साथ तालमेल बिठाकर यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सुरक्षा के ये इंतजाम जमीन पर सही तरीके से लागू हों।